हिंदी सिनेमा के मशहूर संगीतकार सरदार मलिक के परिवार की तीसरी पीढ़ी की नुमाइंदगी इन दिनों अरमान मलिक और अमाल मलिक के हाथों में है। संगीतकार डब्बू मलिक के ये दोनों बेटे मौसीकी में अपनी जगह बना चुके हैं। इसी हफ्ते रिलीज हो रही हॉलीवुड फिल्म अलादीन के हिंदी संस्करण में इस किरदार को अरमान मलिक ने आवाज दी है। उनसे एक खास मुलाकात।
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अलादीन को भारत में मिली इस मशहूर सिंगर की आवाज, पढ़िए EXCLUSIVE बातचीत
Wed, 22 May 2019 07:03 AM IST
Mishra Mishra
अक्षित त्यागी, अमर उजाला , मुंबई
अक्षित त्यागी, अमर उजाला , मुंबई
Published by: Mishra Mishra
Updated Wed, 22 May 2019 07:03 AM IST
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सारेगामापा लिटिल चैंप्स से तो आपको सबने पहचान लिया, लेकिन शुरूआत कैसे हुई?
संगीत तो खून में हैं ही। साथ ही साथ बचपन से ही इस तरफ रुख करने का मन था। मैं 3-4 साल का था और एक दिन ऐसे ही बैठा गुनगुना रहा था। मां और पिताजी ने मुझे सुना और मुझे गायक बनाने का फैसला किया। फिर मेरी ट्रेनिंग शुरू हुई। कंपटीशंस में हिस्सा लेने लगा और फिर मैंने भी फैसला कर लिया कि सिंगर ही बनना है और कुछ नहीं।
संगीत तो खून में हैं ही। साथ ही साथ बचपन से ही इस तरफ रुख करने का मन था। मैं 3-4 साल का था और एक दिन ऐसे ही बैठा गुनगुना रहा था। मां और पिताजी ने मुझे सुना और मुझे गायक बनाने का फैसला किया। फिर मेरी ट्रेनिंग शुरू हुई। कंपटीशंस में हिस्सा लेने लगा और फिर मैंने भी फैसला कर लिया कि सिंगर ही बनना है और कुछ नहीं।
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आपकी पहली स्टेज परफॉर्मेंस क्या थी? संगीत में अपना गुरु किसे मानते हैं?
मेरे दो गुरु हैं। पहली रीता कौल और दूसरे हैं गुलाम कादिर मुस्तफा खान। इनसे मैंने हिन्दी क्लासिकल गायन की शिक्षा ली है। इनके अलावा अगर कोई भी मेरा गुरू कहलाने के लायक है तो वह मेरा बड़ा भाई अमाल है। मेरी पहली स्टेज परफॉर्मेंस चार साल की उम्र में थी, तब मैंने "नन्हा मुन्ना राही हूं" गाया था। पर मैं अपनी पहली स्टेज परफॉर्मेंस सारेगामापा लिटिल चैंप्स को मानता हूं तब मैं सिर्फ नौ साल का था।
मेरे दो गुरु हैं। पहली रीता कौल और दूसरे हैं गुलाम कादिर मुस्तफा खान। इनसे मैंने हिन्दी क्लासिकल गायन की शिक्षा ली है। इनके अलावा अगर कोई भी मेरा गुरू कहलाने के लायक है तो वह मेरा बड़ा भाई अमाल है। मेरी पहली स्टेज परफॉर्मेंस चार साल की उम्र में थी, तब मैंने "नन्हा मुन्ना राही हूं" गाया था। पर मैं अपनी पहली स्टेज परफॉर्मेंस सारेगामापा लिटिल चैंप्स को मानता हूं तब मैं सिर्फ नौ साल का था।
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यानी कि आपका बचपन खेलने में नहीं बल्कि संगीत सीखने में बीता?
बचपन मेरा कभी था ही नहीं। कभी कभी लगता है कि मैने अपना बचपन खो दिया है। यह भी लगता है कि मैने अपने बचपन के दोस्तों के साथ कभी पार्टी नहीं की, कहीं घूमने नहीं गया। पर बात वही है कि अगर यह सब करता तो शायद आज यहां नहीं होता।
बचपन मेरा कभी था ही नहीं। कभी कभी लगता है कि मैने अपना बचपन खो दिया है। यह भी लगता है कि मैने अपने बचपन के दोस्तों के साथ कभी पार्टी नहीं की, कहीं घूमने नहीं गया। पर बात वही है कि अगर यह सब करता तो शायद आज यहां नहीं होता।
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डबिंग की शुरूआत कैसे हुई और कैसे मिला अलादीन का ऑफर?
मैं काफी समय से जिंगल्स के लिए वॉयस ओवर किया करता था। जब आप कुछ अच्छा काम करते हैं तो सभी को पता चल ही जाता है। धीरे धीरे लोग मुझे कॉल करने लगे, ऑडीशन्स के लिए भी बुलाने लगे। ऐसा ही फिल्म अलादीन के साथ भी हुआ। मुझे लगता है कोई भी ऐसा नहीं होगा जिसे यह कहानी ना पता हो। मैं बचपन से ही डिजनी का बहुत बड़ा फैन रहा हूं। जिस प्रकार अलादीन एक बड़ा आदमी बनना चाहता है, उसी प्रकार मैं भी। इस तरह से मुझे अलादीन के किरदार में घुसने में आसानी रही। फिल्म का एक गाना है "होल न्यू वर्ल्ड" जिसका हिन्दी वर्जन है "एक नया जहान"। वह गाना इस फिल्म के लिए बिल्कुल सटीक है, क्योंकि आप फिल्म को देखते ही एक अलग ही दुनिया में चले जाते हैं। मैं बचपन से ही इस गाने को सुनता आया हूं और बेहद पसंद भी करता हूं। इसीलिए मेरे लिए यह बहुत ही गर्व की बात है कि डबिंग के अलावा मुझे यह गाना गाने का भी मौका मिला।
मैं काफी समय से जिंगल्स के लिए वॉयस ओवर किया करता था। जब आप कुछ अच्छा काम करते हैं तो सभी को पता चल ही जाता है। धीरे धीरे लोग मुझे कॉल करने लगे, ऑडीशन्स के लिए भी बुलाने लगे। ऐसा ही फिल्म अलादीन के साथ भी हुआ। मुझे लगता है कोई भी ऐसा नहीं होगा जिसे यह कहानी ना पता हो। मैं बचपन से ही डिजनी का बहुत बड़ा फैन रहा हूं। जिस प्रकार अलादीन एक बड़ा आदमी बनना चाहता है, उसी प्रकार मैं भी। इस तरह से मुझे अलादीन के किरदार में घुसने में आसानी रही। फिल्म का एक गाना है "होल न्यू वर्ल्ड" जिसका हिन्दी वर्जन है "एक नया जहान"। वह गाना इस फिल्म के लिए बिल्कुल सटीक है, क्योंकि आप फिल्म को देखते ही एक अलग ही दुनिया में चले जाते हैं। मैं बचपन से ही इस गाने को सुनता आया हूं और बेहद पसंद भी करता हूं। इसीलिए मेरे लिए यह बहुत ही गर्व की बात है कि डबिंग के अलावा मुझे यह गाना गाने का भी मौका मिला।