शोले फिल्म में ‘गब्बर’ की भूमिका निभाने वाले अमजद खान को उनके डायलॉग्स और उनके सीन के लिए काफी पसंद किया गया था। इस किरदार ने उन्हें एक अलग पहचान दी थी। अमजद खान का करियर जितनी तेजी से ऊपर गया उतनी ही तेजी से नीचे आ गया। इसके पीछे कई वजह रहीं, उनका करियर लंबे समय तक हिट नहीं रहा। अमजद खान की जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया जिससे उनकी जिंदगी पूरी तरह से बदल गई। उस हादसे के बाद उनका वजन तेजी से बढ़ना शुरू हो गया।
किस्सा: कार से गोवा जाते वक्त अमजद खान के साथ हुई थी भयंकर दुर्घटना, अमिताभ बच्चन ने अस्पताल में पेपर किए थे साइन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
1976 में सड़क दुर्घटना ने बदल दी थी जिंदगी
मुंबई से गोवा जाते हुए अमजद खान के साथ उनका पूरा परिवार मौजूद था। ड्राइवर गाड़ी चला रहा था, लेकिन रास्ता लंबा होने की वजह से अमजद खान ने ड्राइवर से गाड़ी उन्हें देने के लिए कहा। वह गाड़ी चलाने लगे, लेकिन कुछ दूर पर जाकर गाड़ी की ट्रक से टक्कर हो गई। साल 1976 में हुए इस हादसे के बाद अमजद खान की जिंदगी पूरी तरह से बदल गई। उनके शरीर की कई हड्डियां टूट गई और वो कोमा में चले गए।
अमिताभ ने साइन किए अस्पताल के पेपर
जब अमजद खान के साथ हादसा हुआ तो उस वक्त अमिताभ बच्चन सहित पूरी यूनिट वहीं पर मौजूद थी। सभी को अमजद खान की हालत की चिंता सता रही थी। डॉक्टर्स ने उनकी सर्जरी करने का फैसला किया। लेकिन इस सर्जरी से पहले पेपर पर किसी के साइन चाहिए थे। अमिताभ बच्चन ने परिवार को दवाई देकर वापस घर भेज दिया था। डॉक्टर को उस इंसान के साइन चाहिए थे जो उनकी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हो। जब कोई आगे नहीं आया तो अमिताभ बच्चन ने उनके परिवार से बात की और पेपर पर साइन किया।
खाने के शौकीन थे अमजद खान
इस हादसे के बाद अमजद खान लंबे समय तक व्हीलचेयर पर थे। अमजद खान को शुरू से हे खाने का शौक था। इस वजह से ही उनका वजन बहुत ही तेजी से बढ्ने लगा। बड़े पर्दे पर विलन की भूमिका निभाने वाले अमजद खान अपनी असल जिंदगी में अपने बच्चों और दोस्तों के लिए किसी हीरों से कम नहीं थे। उनके करीबी लोग उनसे बहुत प्यार करते थे। अमजद खान भी अपने तीनों बच्चों (शादाब, सीमब और बेटी अहलम) से बहुत प्यार करते थे। परिवार के साथ अमजद की जिंदगी खुशहाल तरीके से बीत रही थी।
कम उम्र में दुनिया को कहा अलविदा
27 जुलाई 1992 का वो मनहूस दिन भी आया जब वो इस दुनिया को अलविदा कह गए। दरअसल हर दिन की तरह ही अमजद खान को शाम 7 बजे किसी से मिलना था और वो तैयार होने के लिए अपने कमरे में गए थे, जहां उनकी दिल का दौरा पड़ने की वजह से मौत हो गई थी। शहला खान ने बताया कि अमजद खान उनसे हमेशा ये बात कहा करते थे कि वो आसानी से ये दुनिया छोड़कर जाएंगे।‘ अमजद खान का जब निधन हुआ उस वक्त उनकी उम्र सिर्फ 48 वर्ष थी।