अनुपम खेर भारतीय सिनेमा जगत का वह चमकता सितारा है जो पिछले 36 सालों से लगातार जगमगा रहा है। उन्होंने अपने करियर में 500 से भी अधिक फिल्मों में अभिनय किया है। ना सिर्फ फिल्म जगत बल्कि उन्होंने टीवी शोज में भी अपना जादू बिखेरा है। कुछ फिल्मों का निर्माण भी कर चुके अनुपम खेर इन दिनों हॉलीवुड में भारतीय परचम लहरा रहे हैं। 7 मार्च 1955 को जन्मे अनुपम खेर के बारे में आज हम आपको 10 रोचक बातें बताने जा रहे हैं।
36 साल में 500 से ज्यादा फिल्में कर चुके अनुपम खेर, ये 10 बातें खींचती हैं शख्सियत का खाका
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शिमला में जन्म
अनुपम खेर भले खुद को कश्मीरी पंडित कहते हों लेकिन सच यही है कि उनका जन्म शिमला के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उनके पिता पुष्करनाथ खेर शिमला में क्लर्क के तौर पर काम करते थे। डीएवी पब्लिक स्कूल में पढ़ाई के बाद अनुपम ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में एडमिशन ले लिया। उनके पिता की साल 2012 में मृत्यु हो गई थी। वह अपनी मां से बहुत प्यार करते हैं। अक्सर सोशल मीडिया पर वह अपनी मां के साथ हंसी-मजाक करते हुए वीडियो भी साझा करते हैं।
मधुमालती के बाद किरण
अनुपम खेर ने दो शादियां की है। उनकी पहली पत्नी मधुमालती थी। आपसी ताल-मेल ना बैठ पाने और कुछ दूसरी वजहों से दोनों अलग हो गए। जिसके बाद अनुपम ने साल 1985 में अभिनेत्री किरण से शादी की। किरण मुंबई की पहली शादी मुंबई के उद्योगपति गौतम बेरी से हुई और पहली शादी से उनकी संतान सिकंदर खेर हैं। तलाक के बाद किरण ने अनुपम से शादी की। दोनों मीडिया के सामने अक्सर एक दूसरे को सपोर्ट करते हुए और तारीफ करते हुए नजर आ जाते हैं।
फाकाकशी में गुजरे शुरुआती दिन
अनुपम खेर सिनेमा जगत के उन चुनिंदा कलाकारों में एक हैं जिन्होंने काफी संघर्ष के बाद इंडस्ट्री में अपना मुकाम हासिल किया है। अभिनय मे रुचि होने की वजह से उन्होंने अपने सफर की शुरूआत दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से की। अभिनय की बारीकियां सीखने के बाद वह मुंबई अपनी किस्मत आजमाने आ गए। शुरुआत में उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उस समय उनके खाने और रहने की भी व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने स्टेशनों पर भी कई रातें काटी हैं। लेकिन लगातार कोशिशों के चलते उन्होंने सिनेमा जगत में ताबड़तोड़ फिल्में की और शोहरत हासिल की।
पहली ही फिल्म में बजा डंका
अनुपम ने अपने अभिनय के सफरनामे की शुरुआत नाटकों से की थी। उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में आगमन नाटक किया था जो काफी मशहूर हुआ। इसके बाद अनुपम को फिल्मों में पहला मौका साल 1984 में फिल्म सारांश से मिला। इस फिल्म में उन्होंने एक रिटायर्ड बुजुर्ग व्यक्ति का किरदार निभाया था जिसने अपने बेटा एक विमान हादसे में खो दिया था। इस किरदार को निभाते समय अनुपम खेर की उम्र मात्र 28 वर्ष थी। इस फिल्म को काफी सराहना प्राप्त हुई थी जिसके बाद यह अनुपम खेर की यादगार फिल्मों में शुमार हो गई।