अभिनेता अनुपम खेर सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और हर मसले पर मुखर होकर अपनी राय देते नजर आते हैं। हाल ही में अभिनेता ने राष्ट्रीय चिह्न अशोक स्तंभ पर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। अनुपम खेर ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा, 'अरे भाई! शेर के दांत होंगे तो दिखाएगा ही! आख़िरकार स्वतंत्र भारत का शेर है। ज़रूरत पड़ी तो काट भी सकता है! जय हिंद!' बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब अभिनेता ने किसी विवाद पर अपनी राय दी हो, इससे पहले भी अनुपम खेर कई बार अपने बयानों को लेकर चर्चा में आ चुके हैं। आइए जानते हैं...
Anupam Kher: 'काली' पोस्टर विवाद पर ही नहीं अशोक स्तंभ पर भी विपक्ष को घेर चुके हैं अनुपम, पढ़िए उनके पांच बयान
ओवैसी की टिप्पणी पर दी थी प्रतिक्रिया
एक बार वर्ष 2016 में अभिनेता अनुपम खेर ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को करारा जवाब दिया था। दरअसल ओवैसी ने 'भारत माता की जय' नारे के विरोध में विवादित बयान दिया था। इस पर अनुपम खेर ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, 'भारत माता की जय कहना ही देशभक्ति की इकलौती परिभाषा होनी चाहिए। बाकी सब बचाव के रास्ते हैं।' बता दें कि महाराष्ट्र के लातूर में एक रैली में ओवैसी ने कहा था, 'मैं यह नारा (भारत माता की जय) नहीं बोलूंगा, क्या कर लोगे भागवत साहब। अगर मेरी गर्दन पर चाकू रख दोगे तो भी मैं यह नारा नहीं बोलूंगा। हमारे संविधान में कहीं नहीं लिखा है कि भारत माता की जय बोलना जरूरी है। इसकी आजादी मुझे मेरा संविधान देता है।'
नसीरुद्दीन के विवादित बयान पर कहा था यह
अनुपम खेर इससे पहले नसीरुद्दीन शाह के विवादित बयान पर भी टिप्पणी कर चुके हैं। दरअसल एक बार नसीरुद्दीन शाह ने बयान दिया था कि, 'हमने बुलंदशहर हिंसा में देखा कि आज देश में एक गाय की मौत की अहमियत पुलिस ऑफिसर की जान से ज्यादा होती है। इन दिनों समाज में चारों तरफ जहर फैल गया है।' उन्होंने कहा, 'मुझे इस बात से डर लगता है कि अगर कही मेरे बच्चों को भीड़ ने घेर लिया और उनसे पूछा जाए कि तुम हिंदू हो या मुसलमान? मेरे बच्चों के पास इसका कोई जवाब नहीं होगा। पूरे समाज में जहर पहले ही फैल चुका है।' इस पर अनुपम खेर ने कहा था, 'वे मेरे सीनियर हैं। दिल्ली नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में साथ रहे। हमारे देश की यही आजादी है कि जो कुछ भी बोलना चाहता है, वह बोल लेता है। हमारे यहां इतनी आजादी है कि सेना को भी गाली दे सकते हैं। एयर चीफ को भी गाली दे सकते हैं। जरूरी नहीं कि वह जो बोल रहे हैं, वह सच हो। कोई आदमी जब किसी पर लांछन लगाता है तो उनकी प्रवृत्ति पता चलती है।'
सीएम योगी के लिए कहा था, 'बकवास करते हैं'
वर्ष 2017 में एक डिबेट के दौरान अनुपम खेर ने असहिष्णुता के मुद्दे पर कहा था, 'इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगाकर सबसे बड़ी असहिष्णुता दिखाई थी। कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह ने तो एक महिला नेता को टंच माल तक कह दिया था। जिन लोगों ने इस तरह की बदतमीजी की है, पार्टी में कुछ ऐसे लोग हैं जो बकवास करते हैं चाहे वह साध्वी हैं, योगी हैं उनको अंदर कर देना चाहिए, उनको डांटना चाहिए और निकाल देना चाहिए।' हालांकि, बाद में योगी आदित्यनाथ ने भी अनुपम खेर की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, 'सभी को विलेन का कैरेक्टर पता होता है। अनुपम सिर्फ पर्दे पर ही नहीं, असल जिंदगी में भी विलेन हैं। उनके दिए बयान पर इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।'
राम मंदिर फैसले से पहले ट्वीट कर बटोरीं सुर्खियां
वर्ष 2019 में अयोध्या मंदिर के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले अनुपम खेर ने एक ट्वीट किया था, जो काफी वायरल हुआ। उन्होंने लिखा था, 'अल्लाह तेरो नाम, ईश्वर तेरो नाम। सबको सम्मति दे भगवान।'