बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर शानदार एक्टिंग के अलावा अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं। सोशल मीडिया पर अक्सर वो खुलकर अपनी बात रखते हैं। इस बार उनके निशाने पर हैं आजादी के नारे लगाने वाले लोग। उन्होंने बातों ही बातों में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और अब लेफ्ट के नेता कन्हैया कुमार पर तंज कसा है।
आजादी के नारे लगाने वालों को अनुपम खेर का जवाब, बोले- 25 साल एक संस्थान में बैठकर...
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अपने ट्वीटर से एक वीडियो शेयर करते हुए अनुपम खेर कहते हैं, 'दोस्तों... मुझे एक बात समझ नहीं आ रही जो लोग आजादी आजादी के नारे लगाते हैं, वो क्या कहना चाहते हैं? क्योंकि देश तो 15 अगस्त 1947 को आजाद हो गया था। उसके लिए हमारे पूर्वजों ने बहुत संघर्ष किया है। मनुवाद से आजादी, भूखमरी से आजादी, जातिपाति से आजादी चाहिए तो इसके लिए काम करना पड़ेगा। बहुत से लोगों ने काम किया था।'
अनुपम आगे कहते हैं, 'नारे लगाने से क्या होगा? कोई भी घर बैठे और अपने पिता से ये कहकर भोजन प्राप्त नहीं करने वाला कि मैं पराठा और बिरयानी से आजादी चाहता हूं। 1947 से 2020 तक जो देश में आया उसने लोगों के लिए काम किया है। ये कौन-सी आजादी चाह रहे हैं? देश के लिए काम करिए, सिर्फ नारों से कुछ नहीं होने वाला। अगर आप चाहते हैं कि किसी संस्थान में 25 साल बैठकर ये हो जाए तो ऐसा नहीं होने वाला।'
इस वीडियो को शेयर करते हुए अनुपम खेर ने लिखा है कि आजाद भारत में अगर हमें किसी भी चीज से आज़ादी चाहिए तो उसके लिए हमें काम करना चाहिए, जो कि देश के करोड़ों युवा कर रहे हैं। अलग अलग फील्डस में। देश को प्रगति की ओर ले जाने के लिए। नारों से जो आजादी प्राप्त करना चाहते हैं उनका देश के प्रति सिवाय नारों के और क्या योगदान है?
इससे पहले अनुपम खेर नागरिकता संशोधन कानून के साथ ही नेशनल सिटिजन रजिस्टर पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा, 'कभी कभी कुछ लोगों को समझाना ज़रूरी कि जो वो समझ रहे है या समझने की ऐक्टिंग कर रहें या लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे है वो बिल्कुल ग़लत है। मेरा मतलब CAA और NRC से है। आप तो समझ गए ना!! जय हो!!'
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