देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रही भीड़ हिंसा से चिंतित फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने हाल ही में 49 हस्तियों समेत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। इस पत्र के जरिए देश के अंदर नस्लीय और जातीय धार्मिक हिंसा पर नाराजगी जताई गई है। अब एक बार फिर अनुराग कश्यप ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
मोदी सरकार पर फिर बरसे अनुराग कश्यप, बोले- संसद में वही बिल पास हो रहे जिनमें सरकार की भलाई
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फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने सूचना का अधिकार (संशोधन) विधेयक, 2019 और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण बिल (संशोधन) 2019 के संसद से पास होने पर अपनी राय रखी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि संसद में वही बिल पास हो रहे हैं जिनमें सरकार की भलाई है।
अनुराग कश्यप ने ट्विटर पर लिखा- 'लोकसभा में बिल वही पास हो रहे हैं जिसमें सरकार का भला है और जो बिल नहीं बनाए जा रहे हैं, उसमें भी सरकार का भला है। लोगों के भले के लिए कोई अमेण्डमेंट भी होना चाहिए।'
लोकसभा में बिल वही पास हो रहे हैं जिसमें सरकार का भला है । और जो बिल नहीं बनाए जा रहे हैं , उसमें भी सरकार का भला है । लोगों के भले के लिए कोई अमेण्डमेंट भी होना चाहिए ।
एक और ट्वीट में अनुराग ने लिखा- 'RTI अमेण्डमेंट बिल पास हो गया। आतंकवादी करार कर के 6 महीने कस्टडी में रखने का बिल पास हो गया। लिंचिंग के खिलाफ भी एक बिल पास हो जाए तो मजाल TMC के गुंडों की या मायनॉरिटीज की, कि वो ऐसा करें? सोचिए.. प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी मैं यही बात लिखी है।'
RTI अमेण्डमेंट बिल पास हो गया । आतंकवादी क़रार कर के ६ महीने कस्टडी में रखने का बिल पास हो गया। लिंचिंग के ख़िलाफ़ भी एक बिल पास हो जाए तो मजाल TMC के गुंडों की या मायनॉरिटीज़ की , कि वो ऐसा करें ? सोचिए । प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी मैं यही बात लिखी है । https://t.co/vJL7qaipIi
बता दें भीड़ हिंसा से चिंतित अनुराग कश्यप समेत 49 हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। चिठ्ठी में लिखा गया है, ''अफसोस की बात है कि 'जय श्री राम' आज एक भड़काऊ युद्ध बन गया है। भारत के बहुसंख्यक समुदाय में राम का नाम पवित्र हैं। एक जनवरी 2009 से 29 अक्टूबर 2018 के बीच 254 धार्मिक पहचान आधारित हिंसा दर्ज की गई है। जबकि 2016 में दलितों पर अत्याचार के 840 मामले सामने आए हैं। पीएम को लिखी चिठ्ठी में लिखा गया है, ''अफसोस की बात है कि 'जय श्री राम' आज एक भड़काऊ युद्ध बन गया है। भारत के बहुसंख्यक समुदाय में राम का नाम पवित्र हैं।''