बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा अक्सर सोशल मीडिया पर ट्रोल होती हैं। कभी उन पर विराट कोहली की खराब परफॉरमेंस का ठीकरा फोड़ दिया जाता है तो कभी टीम इंडिया की हार का कारण बता दिया जाता है। बीते दिनों पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज फारुख इंजीनियर ने कहा था कि वर्ल्ड कप के दौरान चयनकर्ताओं ने अनुष्का को चाय परोसी थी। इन सभी आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए अनुष्का ने एक लंबी चौड़ी पोस्ट लिखते हुए करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि अब ये सहना मुश्किल हो गया है।
वर्ल्ड कप में चयनकर्ताओं ने अनुष्का शर्मा को परोसी थी चाय? एक्ट्रेस ने पूर्व क्रिकेटर को लताड़ा
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अनुष्का शर्मा ने अपने ट्विटर हैंडल एक लेटर पोस्ट करते हुए भड़ास निकाली है। लेटर में उन्होंने लिखा, 'मैंने हमेशा ये माना है कि इंसान के लिए गलत और झूठी अफवाह पर चुप्पी साधे रखना ही सही होता है। मैंने 11 साल के करियर को इसी तरह से हैंडल किया है। इस चुप्पी में हमेशा मैंने सच और गरिमा को देखा है। ऐसा कहा जाता है कि किसी झूठ को बार-बार कहो तो वह भी सच लगने लगता है और मुझे डर है कि मेरे साथ ऐसा ही हो रहा है। मेरी इसी चुप्पी की वजह से मेरे खिलाफ बोले गए झूठ सच लगने लगे हैं, लेकिन अब बस बहुत हुआ।'
'जब मेरे तत्कालीन बॉयफ्रेंड और आज पति विराट कोहली की खराब परफॉरमेंस के लिए, मुझ पर इल्जाम लगाए गए, मैं तब चुपचाप रही। कहा गया कि मैं बोर्ड की बंद कमरों में होने वाली मीटिंग्स का हिस्सा होती हूं और सिलेक्शन प्रोसेस को प्रभावित करती हूं, मैं तब भी चुप रही। मेरा नाम गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया और कहा गया कि मुझे खास तरह से ट्रीट किया जाता और मैं कैसे विदेशी टूर पर अपने पति के साथ अधिकृत समय से ज्यादा रही हूं, पर किसी ने सच जानने की कोशिश नहीं की। अगर बोर्ड से विदेशी दौरे के बारे में कोई पूछे तो उसे यही मिलेगा कि मैंने हमेशा नियमों का पालन किया है। मैं उन आरोपों पर भी चुप रही।'
'फर्जी खबरों में मेरे नाम का इस तरह से इस्तेमाल किया गया जिससे लगे कि बोर्ड को मेरी टिकटों व सुरक्षा के चलते समस्या हो रही है जबकि सच्चाई यह है कि मैंने मैच और फ्लाइट के लिए अपनी टिकट खरीदी। मुझे ग्रुप फोटो में खड़े होने के लिए उच्चायुक्त की पत्नी ने कहा था, इसे एक बड़ा मुद्दा बना दिया गया। मुझसे कहा गया कि मैं जबरदस्ती इसका हिस्सा बनना चाहती हूं, जबकि इस इवेंट के लिए बाकायदा मुझे आमंत्रित किया गया था और बोर्ड ने भी इस पर सफाई दी थी, लेकिन मैं इन सबके बावजूद चुप रही।'
'अभी जानबूझकर झूठ फैलाया गया कि वर्ल्ड कप के दौरान चयनकर्ताओं ने मुझे चाय परोसी। वर्ल्ड कप के दौरान मैं एक मैच देखने के लिए गई थी और फैमिली बॉक्स में बैठी थी न कि सिलेक्टर्स बॉक्स में जैसा कि खबर में बताया गया लेकिन जब सुविधा की बात हो तो फैक्ट कौन पूछता है। अगर आप सलेक्शन कमेटी पर सवाल उठाना चाहते हैं तो आप उसके लिए स्वतंत्र हैं। कृप्या अपने आरोप को सच साबित करने के लिए मेरा नाम न घसीटें। मेरा नाम इस तरह से इस्तेमाल करने की किसी को भी इजाजत नहीं है।'