बॉलीवुड और ऑस्कर विजेता मशहूर संगीतकार ए आर रहमान के फैंस की कमी नहीं है। आज भी उनके गाने फैंस के दिलों पर राज करते हैं। हिंदी से लेकर तमिल सिनेमा तक अपनी सुरीली आवाज का जादू बिखेरने वाले ए आर रहमान इन दिनों फिल्म 'रंग दे बसंती' फिल्म में 'लुका छुपी' गाने पर दिए अपने बयान को लेकर काफी चर्चा में चल रहे हैं। फिल्म में इस गाने को लेकर सिंगर ने अपनी कुछ इच्छाएं भी जाहिर की है।
AR Rahman: 'रंग दे बसंती' के लिए नहीं लिखा गया था फिल्म का यह आइकॉनिक गाना, वर्षों बाद ए आर रहमान का खुलासा
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हाल ही में, एक इंटरव्यू में ए आर रहमान ने बताया कि फिल्म 'रंग दे बसंती' के गाने 'लुका छुपी' वह मेकर्स एक मॉडर्न टच देना चाहते थे और गाने को काफी बड़ा बनाना चाहते थे , लेकिन मैं इस गाने में एक मां की आवाज और उनके एहसास को मिलाना चाहता था और इसके लिए लता मंगेशकर से ज्यादा मुझे कोई ठीक नहीं लगा। हालांकि, यह बात सच है कि इस गाने को लेकर मैं लता जी के साथ कोलेब करना चाहता था, जिसके लिए मुझे काफी कोशिश करनी पड़ी और बाद में यह संभव हो पाया।
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ए आर रहमान ने कहा, 'मैं लता मंगेशकर के साथ इस गाने को करने की कोशिश कर रहा था, जिसका मैं लंबे समय से इंतजार कर रहा था। जब भी मैंने लता जी से इसके लिए संपर्क किया तब हमारे सामने कोई न कोई बाधा आई। मुझे इस प्लान को छह बार रद्द करना पड़ा। मुझे लगा कि अगली बार हम इस गाने पर जरूर काम कर लेंगे, लेकिन मेरी यह इच्छा आखिर पूरी हो गई।'
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ए आर रहमान ने गाने के बारे में बताते हुए कहा, 'लुका छुपी' एक पृष्ठभूमि गाना था और टीम ने कुछ समय यह पता लगाने में बिताया कि यह गाना फिल्म में कहाँ फिट होगा। हमने थोड़ा वक्त लगाया, लेकिन वह सही जगह खोजी, जहां यह गाना पूरी तरह से फिट हो पाया। हमें आर माधवन के चरित्र के मौत का दृश्य मिला, जहां वहीदा रहमान द्वारा निभाई गई उनकी मां टूट जाती है। यह प्लॉट 'लुका छुपी' गाने के लिए सही था।'
इस फिल्म को कई साल पूरे हो चुके हैं। फिल्म की सालगिरह सेलिब्रेशन के दौरान राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने साझा किया था कि लता मंगेशकर ने चार दिनों तक गाने की रिहर्सल की और इसे रिकॉर्ड करने के लिए आठ घंटे तक माइक पर खड़ी रहीं। लता जी ने इस गाने में अपना पूरा मन सौंप दिया था।