केंद्र सरकार ने भारत में जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देनेवाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म करने का फैसला लिया है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक गाना वायरल हो रहा है। ''जन्नत की है तस्वीर ये तस्वीर न देंगे। हाथों में किसी गैर के तकदीर न देंगे। कश्मीर है भारत का कश्मीर न देंगे।'' सोशल मीडिया पर ये गाना शेयर करते हुए कहा जा रहा है कि इस गाने के लिरिक्स की वजह से सेंसर बोर्ड ने इस पर बैन लगा दिया था।
2 of 5
कश्मीर है भारत का कश्मीर न देंगे
- फोटो : Twitter
इस खबर की पड़ताल से पहले आइए जानते हैं किस फिल्म का है ये गाना। और कब रिलीज हुई थी फिल्म। बता दें ये गाना फिल्म 'जौहर इन कश्मीर' का है। फिल्म के डायरेक्टर हैं इंदर सेन जोहर। ये फिल्म 1966 में रिलीज हुई थी। इस गाने को लिखा था मशहूर शायर और गीतकार इंदीवर ने।
3 of 5
कश्मीर है भारत का कश्मीर न देंगे
- फोटो : Twitter
अब बात करते हैं फिल्म की कहानी पर ये भारत और पाकिस्तान के बैकग्राउंड पर आधारित एक लव स्टोरी थी। इस फिल्म के दो गाने बेहद चर्चा में आए थे। एक गाना है- 'बेगुनाहों का लहू है ये रंग लाएगा।' इस गाने को गाया था मोहम्मद रफी ने। एक बार इस गाने को देख लें तो आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे।
4 of 5
कश्मीर है भारत का कश्मीर न देंगे
- फोटो : Twitter
कहा जा रहा है कि 50 साल पहले यानी कि जब फिल्म रिलीज हुई थी, तब इस गाने को सेंसर बोर्ड ने कटवा दिया था लेकिन इस बात में जरा भी सच्चाई नहीं है। 1966 में सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने एक ऑर्डर जारी किया। इस आदेश में फिल्म के गाने की एक लाइन 'हश हुस्सैन का इंसाफ किया जाएगा' को बदलने को कहा गया था। गाने की लाइन 'हर एक जुल्म का इंसाफ किया जाएगा' से बदल दी गई थी।
5 of 5
कश्मीर है भारत का कश्मीर न देंगे
- फोटो : Twitter
सोशल मीडिया पर गाने के साथ खबर वायरल हो रही है कि सेंसर बोर्ड ने इसे बैन कर दिया था। हालांकि इस गाने को सेंसर बोर्ड ने कभी बैन नहीं किया। इस गाने में से 'हाजी पीर' शब्द को हटा दिया गया था। इसे हटाने के बाद इस गाने को रिलीज किया गया था। ये गाना अब भी ऑन लाइन मौजूद है और आप कभी भी सुन सकते हैं।