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भीड़ हिंसा: अनुराग कश्यप के ट्वीट पर अशोक पंडित का पलटवार, बोले-'पत्र कूड़ेदान में मिलेगा'
Mon, 29 Jul 2019 12:46 PM IST
anand anand
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: anand anand
Updated Mon, 29 Jul 2019 12:46 PM IST
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Ashok Pandit, Anurag Kashyap
- फोटो : amar ujala
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बीते दिनों 49 फिल्मी हस्तियों द्वारा भीड़ हिंसा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र का मुद्दा गरमाया हुआ है। इस पत्र के जरिए फिल्मी हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस तरह की हिंसा के बारे में चिंता जाहिर की और सख्त कानून बनाने की मांग की थी। वहीं इसके बाद डायरेक्टर मधुर भंडारकर और अशोक पंडित सहित करीब 62 हस्तियों ने इन 49 हस्तियों की बातों के खिलाफ पत्र जारी करते हुए उनके दावों को खारिज किया और आरोपों की आलोचना भी की।
Ashok Pandit
- फोटो : social media
मधुर भंडारकर के बाद अब इस मुद्दे पर अनुराग कश्यप और अशोक पंडित सोशल मीडिया पर भिड़ गए हैं। अशोक पंडित ने अनुराग कश्यप और उनके द्वारा भीड़ हिंसा पर लिखे पत्र का समर्थन करने पर उनकी आलोचना की है। अशोक पंडित ने अनुरोग कश्यप के लिए ट्विटर पर लिखा- 'तुम्हारे पत्र का किसी पर कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि यह इसको मिले रिस्पॉन्स से ही तबाह हो गया। तुम्हें यह पत्र कूड़ेदान में पड़ा मिलेगा। विकास बहल की फिल्म सुपर 30 की कामयाबी से तुम्हारे दिमाग पर क्या असर पड़ा है हमें ये भी पता है, क्योंकि उसके खिलाफ रचा गया तुम्हारा षड्यंत्र नाकाम हो गया।'
Ur letter didn’t make any impact on anyone because it was destroyed by d response it got. You will find that in the dustbin. We also know the impact on Ur mind because of #VikasBahl ‘s #Super30 success. Yours shadyantra against him failed. https://t.co/nFMOr8Fc1Z
— Ashoke Pandit (@ashokepandit) July 28, 2019
anurag kashyap
- फोटो : social media
गौरतलब है कि अशोक पंडित ने ये बात अनुराग कश्यप के उस ट्वीट के बाद बोली थी, जिसमें अनुराग कश्यप ने ये लिखा था कि, 'यदि एक पत्र उन पर इतना प्रभाव डाल पाता तो उन्हें झूठी कहानियां बनाने वाली और साइन करने वालों पर झूठे आरोप लगाने वाली पूरी ट्रोल आर्मी की जरूरत नहीं पड़ती, ताकि वह झूठ का बचाव कर सकें। क्या होगा यदि हम सत्ता में बैठे हर उस आदमी से सवाल करने लगें जो खुद की ही सेवा कर रहा है।'
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Madhur Bhandarkar, Anurag Kashyap,Yogi Adityanath
- फोटो : amar ujala
अशोक पंडित से पहले एक टीवी चैनल से बात करते हुए डायरेक्टर मधुर भंडारकर ने देश में भीड़ हिंसा को लेकर बात की। उन्होंने ऐसा आरोप लगाने वालों की कड़ी आलोचना की।
उन्होंने कहा- 'जो लोग भी पीएम नरेंद्र मोदी या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आलोचना करते हैं, वो ही लोग उत्तर प्रदेश में अपनी फिल्मों की शूटिंग करते हैं और यूपी सरकार से सब्सिडी लेते हैं।' इतना ही नहीं मधुर भंडारकर ने कहा- 'योगी आदित्यनाथ का विरोध करने वाले लोगों को कहना चाहिए कि जब तक वह प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं तब तक सरकार से फिल्मों को मिलने वाली सब्सिडी नहीं लेंगे। जब पैसे की बात आती है तो ये विरोधी सिलेक्टिव हो जाते हैं और यही उनका दोहरा रवैया होता है।' मधुर भंडारकर की ये बात डायरेक्टर अनुराग कश्यप को नागवार गुजरी और उन्होंने ट्विटर पर भंडारकर की बात का जवाब दिया।
उन्होंने कहा- 'जो लोग भी पीएम नरेंद्र मोदी या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आलोचना करते हैं, वो ही लोग उत्तर प्रदेश में अपनी फिल्मों की शूटिंग करते हैं और यूपी सरकार से सब्सिडी लेते हैं।' इतना ही नहीं मधुर भंडारकर ने कहा- 'योगी आदित्यनाथ का विरोध करने वाले लोगों को कहना चाहिए कि जब तक वह प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं तब तक सरकार से फिल्मों को मिलने वाली सब्सिडी नहीं लेंगे। जब पैसे की बात आती है तो ये विरोधी सिलेक्टिव हो जाते हैं और यही उनका दोहरा रवैया होता है।' मधुर भंडारकर की ये बात डायरेक्टर अनुराग कश्यप को नागवार गुजरी और उन्होंने ट्विटर पर भंडारकर की बात का जवाब दिया।
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anurag kashyap
- फोटो : social media
आपको बता दें कि भीड़ हिंसा को लेकर 49 हस्तियों के जवाब में 62 हस्तियों के पत्र में तीन तलाक का जिक्र कर मोदी सरकार के कार्यों का भी समर्थन किया गया है। पत्र में लिखा गया, तीन तलाक के मुद्दे पर कोई बात न हीं की जाती, जो महिलाओं के हक का सवाल है। इस मुद्दे पर कुछ लोग खामोश हो जाते हैं। इस सरकार में लोगों को इतनी आजादी मिली हुई है, लोग सरकार की किसी भी हद तक जाकर आलोचना कर सकते हैं। पीएम मोदी ने सबका साथ, सबका विकास का मंत्र दिया है। इसमें सबका विश्वास भी शामिल है।