जनता कर्फ्यू में मायागरी ने पूरे उत्साह से हिस्सा लिया। 22 मार्च की शाम को 5 बजे जिस तरह से सभी ने तालियों, थालियों और शंखनाद की आवाज से कोरोना वायरस से लड़ रहे योद्धाओं का आभार जताया वह काबिलेतारीफ रहा। वहीं अपनी दमदार फिल्मों और सोशल मीडिया पर अपनी कविताओं के लिए मशहूर आयुष्मान खुराना ने जनता कर्फ्यू और लॉकडाउन की स्थिति को अपनी एक कविता के माध्यम से प्रकट किया।
वायरल हो रही जनता कर्फ्यू पर आयुष्मान खुराना की ये कविता, भावुक क्षणों को अनोखे अंदाज में किया बयां
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो के जरिए आयुष्मान ने अपने फैंस तक अपनी इस रचना को पहुंचाया। अपनी कविता की शुरुआत करते हुए आयुष्मान ने कहा, आज आप शाम के 5 बजे के ऐतिहासिक क्षण के गवाह हैं। मुझे लगता है कि यह मानवता और मानवीय रिश्तों का बड़ा उदाहरण है। हम सब इसमें एक साथ हैं।
आयुष्मान की कविता है:
आज मेरे पास कोई शब्द नहीं है
आज कोई कविता उपलब्ध नहीं है
इन तालियों की गूंज और शंखनाद
पांच मिनट के लिए कर दिए इस बंद सा मरुस्थलाबाद
आज शहर का प्रदूषण ए क्यू आई पर पचास है
यहां के पशु पक्षी पहले से ज्यादा खुशमिजाज हैं
सभी चिकित्सकों और डॉक्टरों को शत शत प्रणाम है
इस बीमारी को लड़ने में क्या हिंदू क्या मुसलमान है
आज देश का मनुष्य लॉकडाउन से उतना हतप्रभ नहीं है
आज मेरे पास कोई शब्द नहीं है
आज कोई कविता उपलब्ध नहीं है
आज मेरे पास कोई शब्द नहीं है, आज कोई कविता उपलब्ध नहीं है।
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आयुष्मान खुराना बीते दिनों फिल्म फिल्म शुभ मंगल ज्यादा सावधान में नजर आए थे। इस फिल्म में उन्होंने समलैंगिक रिश्ते को जबरदस्त तरीके से उठाया था। फिल्म की कहानी और अदाकारी को समीक्षकों से सराहना प्राप्त हुई हालांकि फिल्म को दर्शकों से मिली जुली प्रतिक्रिया हासिल हुई। वहीं आने वाले समय में वह फिल्म गुलाबो सिताबो में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म में वह पहली बार अमिताभ बच्चन के साथ नजर आ रहे हैं। फिल्म का निर्देशन शूजित सरकार ने किया है।