हिंदी सिनेमा सिर्फ अपनी दमदार फिल्मों के लिए ही नहीं बल्कि अपने शानदार गानों के लिए भी जाना जाता है। बॉलीवुड में हर तरह कि स्थिति पर गाने बने हैं जिन्हें आम लोगों के फंक्शन से लेकर बड़ी बड़ी हस्तियों के कार्यक्रम में भी इस्तेमाल किया जाता है। इनमें शादी और विदाई के गाने भी शामिल हैं। बॉलीवुड में सिर्फ आज के समय में ही नहीं बल्कि 70-80 के दशक में विदाई को लेकर ऐसे गाने बने हैं जिन्हें सुनते हुए हर किसी की आंखें नम हो जाती हैं। इन्हें आज भी जब कोई बेटी सुन लेती है तो उसे अपना मायका याद आने लगता है और उसकी आंखें भर आती हैं।
बॉलीवुड के वो विदाई गीत जिन्हें सुनकर भर आती हैं बेटियों की आंखें
बाबुल की दुआएं
साल 1968 में आई फिल्म 'नील कमल' के इस गाने में एक पिता के दिल का हाल दिखाया गया था जो अपनी बेटी को उसके ससुराल विदा करता है। मोहम्मद रफी की आवाज में सजे इस गीत को बलराज साहनी और वहीदा रहमान पर फिल्माया गया था। बताया जाता है कि मोहम्मद रफी इस गाने को गाते वक्त रोने लगते थे। इस गीत को उस वक्त तो काफी पसंद किया ही गया साथ ही आज भी किसी बेटी की विदाई के वक्त ये गाना जरूर सुनने को मिलता है।
चलो रे डोली उठाओ
1979 में आई हॉरर फिल्म 'जानी दुश्मन' को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। वहीं इस फिल्म का विदाई गीत 'चलो रे डोली उठाओ कहार' तो इस फिल्म की जान था। मोहम्मद रफी ने इस गीत को काफी खूबसूरती से गया था। फिल्म का ये गाना काफी मशहूर हुआ था।
बाबुल जो तुमने सिखाया
1994 में आई फिल्म 'हम आपके हैं कौन' में बहुत से खूबसूरत गाने सुनने को मिले थे, लेकिन फिल्म का विदाई वाला गीत हर किसी को भावुक कर गया था। इस गाने में रेणुका शहाणे की विदाई दिखाई गई थी जो मोहनीश बहल से शादी करने के बाद अपने ससुराल जाती है। इस गीत के जरिए एक बेटी के दिल का हाल दिखाया गया था जो अपने माता पिता और बहन से कहती है कि वो उनकी सीख लेकर अब अपने ससुराल जा रही है। ये गाना आज भी बहुत लोकप्रिय है।
बाबुल छोड़ी ना जाए तेरी गलियां
फिल्म 'बेवफा से वफा' का ये विदाई गीत जूही चावला पर फिल्माया गया था। इस गीत में दिखाया गया था कि एक तरफ तो नई नवेली दुल्हन को अपने नए घर जाने की खुशी है वहीं दूसरी तरफ उसका बाबुल का घर उससे दूर हो रहा है। इस मार्मिक गाने को दर्शकों ने उस काफी पसंद किया था वहीं आज भी इस गाने को सुनकर लोग भावुक हो जाते हैं।
कमेंट
कमेंट X