मशहूर संगीतकार मोहम्मद जहूर खय्याम के निधन से हिंदी सिनेमा में शोक की लहर है। खय्याम पिछले लंबे वक्त से फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे थे। उमराव जान', 'बाज़ार', 'कभी-कभी', 'नूरी', 'त्रिशूल' जैसी हिट फिल्मों के गीतों की धुन बनाने वाले खय्याम को काफी लोग बदकिस्मत मानते थे।
यश चोपड़ा ने खय्याम को दिलाया था बदकिस्मत होने का अहसास, संगीतकार ने ऐसे दिया था जवाब
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दरअसल खय्याम की सभी फिल्मों का म्यूजिक तो हिट होता था लेकिन कभी भी सिल्वर जुबली नहीं कर पाया था। इस बात का अहसास खय्याम को यश चोपड़ा ने दिलाया था।
इस बारे में खय्याम ने एक इंटरव्यू में कहा था-'यश चोपड़ा अपनी एक फिल्म का म्यूजिक मुझसे करवाना चाहते थे। लेकिन सभी उन्हें मेरे साथ काम करने के लिए मना कर रहे थे। उन्होंने मुझे कहा भी था कि इंडस्ट्री में कई लोग कहते हैं कि खय्याम बहुत बदकिस्मत आदमी हैं और उनका म्यूजिक हिट तो होता है लेकिन जुबली नहीं करता।'
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इसके आगे खय्याम कहते हैं- 'इन सब बातों के बावजूद मैंने यश चोपड़ा की फिल्म का म्यूजिक दिया और उस फिल्म ने डबल जुबली कर डाली और सबका मुंह बंद कर दिया।'
बता दें कि खय्याम की पत्नी जगजीत कौर भी अच्छी गायिका हैं। उन्होंने खय्याम के साथ 'बाज़ार', 'शगुन' और 'उमराव जान' जैसी फिल्मों में काम भी किया था। गौरतलब है कि खय्याम के बेटे की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी।
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