'दारु देसी', 'बदतमीज दिल', 'उड़े दिल बेफिक्रे' जैसे गीतों को गाने वाले गायक बेनी दयाल आज अपना 37वां जन्मदिन मना रहे हैं। वे आज की पीढ़ी के लिए संगीत का एक तड़कता भड़कता चेहरा हैं। अपने सुरों से वह ना सिर्फ हिंदी भाषा के लोगों को अपनी ओर खींचते हैं, बल्कि उन्होंने तमिल, तेलुगू, मलयालम, कन्नड़, बंगाली, गुजराती और मराठी भाषाओं में भी गाने गाए हैं। असल बात तो यह है कि बेनी दयाल ने अपने करियर की शुरुआत ही तमिल गीतों से की थी। संगीत की दुनिया के राजा यानी ए आर रहमान के पसंदीदा गायकों में से एक हैं बेनी दयाल। आइए नजर डालते हैं एक नजर उनके जीवन से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्सों पर ...
जन्मदिन: BPO में काम करते थे बेनी दयाल, ए आर रहमान की एक कॉल ने चमका दी थी किस्मत
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बेनी का जन्म अबु धाबी में हुआ था। उनके माता-पिता मूल रूप से केरल के हैं। बेनी ने अबु धाबी इंडियन स्कूल से स्कूलिंग की और फिर मद्रास किश्चियन कॉलेज से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी की। कॉलेज के दिनों से ही बेनी संगीत प्रतियोगिताओं में भाग लेते थे। बैंड्स के साथ मिलकर परफॉर्म किया करते थे। हैरान कर देने वाले बात है कि कॉलेज में बैंड्स के साथ परफॉर्म करने वाले बेनी को कई म्यूजिक डायरेक्टर्स ने पहली बार में रिजेक्ट कर दिया था।
एक इंटरव्यू के दौरान बेनी ने बताया था कि जब वे अपने करियर की शुरुआत करने जा रहे थे तभी उनके पापा की ओपन हार्ट सर्जरी होनी थी। जिसके लिए उनके पास बहुत ज्यादा पैसे नहीं थे। उस दौरान बेनी के भाई भी सेटल ही हो रहे थे। उसके बाद बेनी ने बीपीओ यानी कॉल सेंटर में जॉब करने का फैसला किया ताकि वो कुछ पैसे जोड़ सकें। बेनी ने जॉब शुरू ही की थी कि एक दिन उनके पास एक फोन आया। वो कॉल और किसी का नहीं बल्कि खुद ए आर रहमान सर का था। वे उस रात उनसे एक हारमनी सॉन्ग पर परफॉर्मेंस करवाना चाहते थे। वहीं बेनी के मन में एक दुविधा थी कि बस वह कोई प्रैंक कॉल ना हो।
लेकिन उस एक रात ने बेनी की जिंदगी बदल दी थी। ए आर रहमान ने बेनी को बुलाकर उस रात 'चिनम्मा चिलकम्मा' गाना गाने को कहा। बस फिर क्या था बेनी उनके सामने हिट हो गए और देखते ही देखते रहमान के पसंदीदा गायकों में से एक बन गए।
गौरतलब है कि बेनी दयाल ने हिंदी गीतों में अपने करियर की शुरुआत 2008 में आई फिल्म 'जाने तू या जाने ना' से की है। उनका इस फिल्म में गाया गीत 'पप्पू कांट डांस साला' बहुत हिट हुआ। ए आर रहमान के संगीत में उन्होंने इस फिल्म में 'नजरें मिलाना नजरें चुराना' भी गाया। इन दोनों ही गीतों ने बेनी दयाल को हिंदी संगीत की दुनिया में आते ही पहचान दिला दी। इसके लिए बेनी को न्यू म्यूजिकल सेंसेशन के स्टारडस्ट अवॉर्ड से नवाजा गया। बस इसके बाद तो बेनी ने कभी पीछे मुड़कर देखा ही नहीं, एक के बाद एक वो हिट गाने गाते रहे और सुपरहिट हो गए। हालांकि बेनी के साल में गीत भले ही कम आते हों लेकिन उनके ज्यादातर गीत लोगों के दिलों-दिमाग पर छा जाते हैं।