साल 2003 आते- आते कलाकार काफी सोच समझकर फिल्मों का चुनाव करने लगे थे। यही वजह रही कि इस साल दर्शकों को मुन्ना भाई एमबीबीएस, कल हो न हो, एलओसी कारगिल जैसी फिल्में देखने को मिली। लेकिन इन सबके बीच ऋतिक रोशन की फिल्म कोई मिल गया ने दर्शकों का सारा ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। पहली बार किसी हिंदी में ऐसा एलियन दिखा जिसकी तरफ दर्शक खिंचे चले गए। चलिए आपको बताते हैं साल 2003 में रिलीज हुई कुछ खास फिल्मों के बारे में।
'मुन्ना भाई एमबीबीएस' से 'द हीरो' तक, साल 2003 में रिलीज हुई इन फिल्मों ने हिला दिया बॉक्स ऑफिस
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एलओसी कारगिल
यह साल 2003 में रिलीज हुई एक बॉलीवुड की ऐतिहासिक वॉर फिल्म है, जिसका निर्देशन जेपी दत्ता ने किया। फिल्म में राज बब्बर, किरण कुमार, आशीष विद्यार्थी, सुदेश बैरी, अजय देवगन, सुनील शेट्टी आदि नजर आए। ये एक मल्टीस्टार फिल्म थी जिसमें दर्शको को एक साथ कई अभिनेता और अभिनेत्रियां देखने को मिले। कारगिल युद्ध पर बनी इस फिल्म को दर्शकों ने पसंद किया था।
मुन्ना भाई एमबीबीएस
संजय दत्त के करियर में चार चांद लगाने वाली मुन्ना भाई एमबीबीएस एक कॉमेडी ड्रामा फिल्म है, जिसका निर्देशन राजकुमार हिरानी ने किया। विधु विनोद चोपड़ा द्वारा निर्मित इस फिल्म में मुख्य भूमिका में संजय दत्त के अलावा अरशद वारसी, सुनील दत्त, जिमी शेरगिल, ग्रेसी सिंह और बोमन इरानी नजर आए। गांव से डॉक्टर की पढ़ाई करने आया एक लड़का कैसे गुंडा बन जाता है और इसके बाद वो कैसे अपने काम से लोगों का दिल जीत लेता है, यही फिल्म में दिखाया गया है।
कल हो ना हो
कल हो ना हो साल 2003 में रिलीज हुई एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म है, जिसका निर्देशन निखिल आडवानी ने किया। फिल्म में शाहरुख खान, सैफ अली खान, प्रीति जिंटा, जया बच्चन, सुषमा सेठ, डेलनाज पॉल, सतीश शाह, रीमा लागू, सोनाली बेंद्रे आदि मुख्य भूमिका में नजर आए। यह एक ऐसी लव स्टोरी थी जिसमें, प्यार, दोस्ती जैसे सभी रिश्तों ने दर्शकों को फिल्म से बांध दिया। दोस्ती और प्यार की इस कहानी को देख लोग भावुक हो गए। ये साल 2003 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों से एक थी।
बागबान
फिल्म में अमिताभ बच्चन ने एक बैंकर का किरदार निभाया जो रिटायर होने के बाद ये उम्मीद करते हैं कि उनके चारों बेटे उनका ख्याल रखेंगे। लेकिन यही बच्चे उन्हें बोझ समझ लेते हैं और मां-बाप को एक दूसरे से अलग रखते हैं। लेकिन खुद्दार पिता एक वक्त के बाद अपने बच्चों को छोड़कर अपनी पत्नी के साथ रहना मंजूर करता है। अंत में अपने पांचवे बेटे सलमान खान जिसे अमिताभ गोद लेते हैं, वही उनका सहारा बनता है।