{"_id":"5ac1d9a54f1c1bc6618b5061","slug":"best-dialogue-of-ajay-devgan-on-his-birthday","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"'मैं उन चीजों की स्मगलिंग करता हूं...' अजय देवगन के ये दमदार डायलॉग, जो आज भी जुबां पर","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
'मैं उन चीजों की स्मगलिंग करता हूं...' अजय देवगन के ये दमदार डायलॉग, जो आज भी जुबां पर
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 02 Apr 2018 02:19 PM IST
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बॉलीवुड के सिंघम यानी अजय देवगन आज अपना 49वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं। अजय बॉलीवुड फिल्मों में अपनी बेहतरीन एक्टिंग के साथ दमदार डायलॉग के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने साल 1991 में फिल्म 'फूल और कांटे' से बॉलीवुड में एंट्री की थी। उनके जन्मदिन के खास मौके पर हम आज आपको उनके डायलॉग्स से रू-ब-रू करवाते हैं जो हमेशा से सदाबहार रहे हैं।
1. हमारी तस्वीर खींच के अपनी दुकान में लगा लेना,
हमारी तस्वीर खींच के अपनी दुकान में लगा लेना,
कभी जरूरत पड़े, तो दोनों में से एक भगवान चुन लेना...
यह डायलॉग अजय देवगन की फिल्म 'वंस अपॉन अ टाइम इन मुंबई' का है। यह फिल्म साल 2010 में रिलीज हुई थी।
कभी जरूरत पड़े, तो दोनों में से एक भगवान चुन लेना...
यह डायलॉग अजय देवगन की फिल्म 'वंस अपॉन अ टाइम इन मुंबई' का है। यह फिल्म साल 2010 में रिलीज हुई थी।
3. आग दिल में लगी है,
आग दिल में लगी है, उसे दुनिया में लगा दूंगा मैं,
जो तेरी डोली उठी, जमाने को जला दूंगा मैं,
यह डायलॉग फिल्म 'दिलजले' का है। यह फिल्म साल 1996 रिलीज हुई थी।
जो तेरी डोली उठी, जमाने को जला दूंगा मैं,
यह डायलॉग फिल्म 'दिलजले' का है। यह फिल्म साल 1996 रिलीज हुई थी।
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3. मैं उन चीजों की स्मगलिंग करता हूं,
मैं उन चीजों की स्मगलिंग करता हूं,
जिनकी इजाजत सरकार नहीं देती,
उन चीजों की नहीं,
जिनकी इजाजत जमीर नहीं देता।
यह डायलॉग फिल्म 'वंस अपॉन अ टाइम इन मुंबई' का है। यह फिल्म साल 2010 में रिलीज हुई थी।
जिनकी इजाजत सरकार नहीं देती,
उन चीजों की नहीं,
जिनकी इजाजत जमीर नहीं देता।
यह डायलॉग फिल्म 'वंस अपॉन अ टाइम इन मुंबई' का है। यह फिल्म साल 2010 में रिलीज हुई थी।
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4. कॉन्फिडेंस बड़ी कुत्ती चीज है,
कॉनफिडेंस बड़ी कुत्ती चीज है,
अगर निशाने पर लग जाए तो कमाल है
वरना बवाल है,
यह डायलॉल फिल्म 'आक्रोश' का है। यह फिल्म साल 2010 में आई थी।
अगर निशाने पर लग जाए तो कमाल है
वरना बवाल है,
यह डायलॉल फिल्म 'आक्रोश' का है। यह फिल्म साल 2010 में आई थी।