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'कर्ज चुकाने वालों की याददाश्त हमेशा कमजोर हो जाती हैं' प्राण के 7 दमदार डायलॉग
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 12 Jul 2018 03:32 PM IST
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बॉलीवुड के 40 से लेकर 90 के दशक में अपनी एक्टिंग से दर्शकों के दिलों को जीतने वाले दिग्गज कलाकार प्राण उर्फ प्राण कृष्ण सिकंद की आज पुण्यतिथि है। प्राण ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत हिंदी सिनेमा के बदलते दौर में यानी 40 के दशक में की थी। हिंदी फिल्मों में उन्होंने अपने हर किरदार से दर्शकों के दिलों को जीता।
जख्म देने वाले भी वही हैं,
भरने वाली भी वहीं हैं,
इंसान तो सिर्फ मरहम लगा सकता है।
प्राण का यह डायलॉग अमिताभ बच्चन की फिल्म 'शहंशाह' का है। यह फिल्म साल 1988 में आई थी।
भरने वाली भी वहीं हैं,
इंसान तो सिर्फ मरहम लगा सकता है।
प्राण का यह डायलॉग अमिताभ बच्चन की फिल्म 'शहंशाह' का है। यह फिल्म साल 1988 में आई थी।
आज की दुनिया में अगर जिंदा रहना है तो,
दुनिया के बटन अपने हाथ में रखने पड़ते है।
यह डायलॉग साल 1984 में आई अमिताभ बच्चन की फिल्म 'शराबी' का है। इस फिल्म में प्राण ने अमिताभ के पिता का रोल किया था।
दुनिया के बटन अपने हाथ में रखने पड़ते है।
यह डायलॉग साल 1984 में आई अमिताभ बच्चन की फिल्म 'शराबी' का है। इस फिल्म में प्राण ने अमिताभ के पिता का रोल किया था।
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अंजाम उनका वही होगा जो तू चाहता है,
लेकिन होगा वही जैसा हम चाहते हैं।
प्राण का यह दमदार डायलॉग सलमान खान की फिल्म 'सनम बेवफा' का है। यह फिल्म साल 1991 में आई थी।
लेकिन होगा वही जैसा हम चाहते हैं।
प्राण का यह दमदार डायलॉग सलमान खान की फिल्म 'सनम बेवफा' का है। यह फिल्म साल 1991 में आई थी।
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भगवान की धरती बहुत बड़ी है औ इंसान के कदन बहुत छोटे
प्राण का यह डायलॉग फिल्म 'गंगा की सौगंध' का है। यह फिल्म साल 1978 में रिलीज हुई थी।
प्राण का यह डायलॉग फिल्म 'गंगा की सौगंध' का है। यह फिल्म साल 1978 में रिलीज हुई थी।