{"_id":"64c770c4e220a7a37004e8cb","slug":"bhagwan-dada-birth-anniversary-know-about-actor-who-put-everything-at-stake-for-film-career-and-personal-life-2023-07-31","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Bhagwan Dada: बंगला, लग्जरी गाड़ियां फिर भी चॉल में गुजरे अंतिम दिन, आखिर कैसे अर्श से फर्श पर आए भगवान दादा","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
Bhagwan Dada: बंगला, लग्जरी गाड़ियां फिर भी चॉल में गुजरे अंतिम दिन, आखिर कैसे अर्श से फर्श पर आए भगवान दादा
हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता भगवान आभाजी पलव यानी भगवान दादा ने फिल्म 'क्रिमिनल' से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा। अपने करियर के दौरान उन्होने कई बेहतरीन फिल्में की। उन्होंने न सिर्फ एक्टर,बल्कि एक निर्माता के रुप में भी इंडस्ट्री में काम किया है। अपने जमाने में भगवान पहले डांसिग और एक्शन हीरो माने जाते थे। अपनी दमदार फिल्मों की बदौलत उन्होंने इंडस्ट्री पर राज किया था।
2 of 5
भगवान दादा
मगर झमेला और लबेला जैसी फिल्मों के बाद उनके सपने चकनाचूर से होने लगे। एक्टर इसके बाद से अपने जीवन के सबसे मुश्किल वक्त से गुजरने लगे। लग्जरी लाइफस्टाइल के शौकिन भगवान को अपने आलीशान बंगले से निकलकर एक बस्ती में रहना पड़ा था। एक्टर के पास मंहगी गाड़ियों का शानदार कलेक्शन था, जिस जमाने में लोगों के पास एक गाड़ी भी नहीं होती है। उस समय उनके पास सात गाड़िया थीं। इसके साथ ही उनके पास एक आलीशान बंगला था, जिसमें 25 कमरे हुआ करते थे।
3 of 5
भगवान दादा
- फोटो : सोशल मीडिया
भगवान ने अपने फिल्मी करियर के दौरान 'बहादुर', 'किसान' जैसी कई हिट फिल्में बनाई। उनकी फिल्म 'अलबेला' बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। मगर जब उन्होंने फिल्म हंसते रहना का निर्माण किया और फिल्म में किशोर कुमार को बतौर लीड एक्टर कास्ट किया, लेकिन कहा जाता है कि किशोर कुमार के नखरों के चलते फिल्म को बीच में ही बंद करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
भगवान दादा
- फोटो : सोशल मीडिया
भगवान ने इस फिल्म को बनाने के लिए अपने जीवन भर की कमाई दाव पर लगा दी थी। मगर फिल्म को बीच में ही बंद करने की वजह से उन्हें अपना सबकुछ बेचना पड़ा और मजबुरन एक चॉल में जिंदगी गुजारनी पड़ी।
उन्हें अपने जुहू में स्थित बंगले और सात कार को बेचना पड़ा था। इन कारों का इस्तेमाल वह सप्ताह के अलग-अलग दिन करते थे। राजा की तरह जिंदगी जीने वाले भगवान दादा अपने अंतिम दिनों में एक चॉल में रहते थे। साल 2002 में हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।