दो मई का दिन ‘दादा’ को चाहने वालों के लिए यादगार दिन है। इस दिन मिथुन चक्रवर्ती की जोड़ी बड़े परदे पर उस समय नंबर वन की कुर्सी की तरफ तेजी से बढ़ रहीं माधुरी दीक्षित के साथ बनी। श्रीदेवी की नंबर वन की कुर्सी फिल्म ‘फिल्म ‘प्रेम प्रतिज्ञा’’ में माधुरी के अभिनय ने ही हिलाई। आज का बाइस्कोप इसी फिल्म ‘फिल्म ‘प्रेम प्रतिज्ञा’’ पर जो रिलीज हुई थी 2 मई 1989 को और जिसका निर्देशन किया मिथुन की ही चर्चित फिल्म ‘हम पांच’ के निर्देशक बापू ने। 1988 में माधुरी ‘दयावान’ और ‘तेजाब’ जैसी फिल्मों से चर्चा पा चुकी थीं। ‘दयावान’ में उनके हिस्से आई विनोद खन्ना के साथ किए गए एक बेहद अंतरंग दृश्य की बदनामी और ‘तेजाब’ ने उनको दिया एक सुपरहिट गाना, एक दो तीन चार...। लेकिन एक्टिंग? माधुरी के अभिनय का असली विस्तार लोगों ने बापू की फिल्म ‘फिल्म ‘प्रेम प्रतिज्ञा’’ में ही देखा। यूं तो माधुरी की साल 1989 में ‘फिल्म ‘प्रेम प्रतिज्ञा’’ के अलावा ‘वर्दी’, ‘राम लखन’, ‘इलाका’, ‘मुजरिम’, ‘त्रिदेव’, ‘कानून अपना अपना’, ‘परिंदा’ और ‘पाप का अंत’ मिलाकर कुल नौ फिल्में रिलीज हुईं लेकिन अभिनेत्री के तौर पर लोगों के दिलों को उन्होंने फिल्म फिल्म ‘प्रेम प्रतिज्ञा’ में ही जीता।
Bioscope S2: पद्मिनी के ‘प्रेम’ की माधुरी ने ली ‘प्रतिज्ञा’, मिथुन की रिलीज हुईं रिकॉर्ड 18 फिल्में
फिल्म ‘प्रेम प्रतिज्ञा’ रिलीज होने से पहले का साल 1988 वैसे हिंदी सिनेमा के लिए काफी हलचल भरा साल रहा था। इस साल को अमिताभ बच्चन की पहली पारी के ढलान के साल के तौर पर भी याद किया जाता था। दिसंबर 1988 में रिलीज हुई फिल्म ‘गंगा जमना सरस्वती’ ने अमिताभ बच्चन के बुलंदी पर चल रहे करियर में फ्लॉप फिल्मों की एक लंबी श्रृंखला की शुरुआत की थी। साल दर साल का आंकड़ा देखें तो साल 1987 में बनी 806 फिल्मों के मुकाबले 1988 में केवल 630 फिल्में ही रिलीज हुईं, लेकिन इसके बावजूद दिसंबर 1988 में उस साल रिकॉर्ड 131 नई फिल्मों के शुरू होने का ऐलान हुआ। जैसा कि होना ही था, साल 1989 तरह तरह की फिल्मों वाला साल रहा। मिथुन चक्रवर्ती के करियर में सबसे ज्यादा रिलीज फिल्मों वाला साल भी 1989 ही रहा। इस साल मिथुन की कुल 18 फिल्में रिलीज हुईं। मिथुन अपने करियर के शीर्ष पर थे और माधुरी दीक्षित से लेकर श्रीदेवी तक हर बड़ी हीरोइन उनके साथ काम कर रही थी। श्रीदेवी के साथ इस साल उन्होंने फिल्म ‘गुरु’ में काम किया और माधुरी के साथ फिल्म ‘प्रेम प्रतिज्ञा’ में।
फिल्म ‘प्रेम प्रतिज्ञा’ में मिथुन ने गांव से आए राजा भैया का रोल किया है जो शहर की बस्ती में रहने वाली लक्ष्मी को कल्लू दादा से बचाता है। लक्ष्मी के पिता का देहांत होता है तो राजा ही उसकी मदद करता है और जब उसका घर टूटता है तो भी राजा ही लक्ष्मी को अपने घर में आसरा देता है। फिल्म ‘प्रेम प्रतिज्ञा’ का किरदार बहुत कुछ मिथुन की अपनी गुरबत की जिंदगी के भी करीब रहा। मुंबई के फुटपाथों पर कई साल गुजारने वाले मिथुन की गुरबत का आलम ये था कि जब अपनी पहली ही फिल्म मृगया के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला तो उन्हें दो वक्त की रोटी भी नहीं नसीब हो रही थी। मोबाइल, ईमेल तब था नहीं और दिल्ली से प्रकाशित होने वाली पत्रिका मायापुरी के मुंबई प्रतिनिधि जेड ए जौहर जब ढूंढते ढूंढते मिथुन का इंटरव्यू करने पहुंचे तो वह किसी दफ्तर के बाहर एक पार्क में एक फिल्म निर्माता से मिलने का इंतजार कर रहे थे। मिथुन ने जौहर को इंटरव्यू एक ही शर्त पर दिया, और वह शर्त थी कि जौहर पहले मिथुन को पेटभर खाना खिलाएंगे।
यही मिथुन चक्रवर्ती फिल्म ‘प्रेम प्रतिज्ञा’ तक आते आते देश में सबसे ज्यादा इनकम टैक्स देने वाले शख्स बने। मलाड के उनके बंगले में उनका एक अलग दफ्तर बना है। इस दफ्तर की दीवार पर देश में सबसे ज्यादा इनकम टैक्स देने वाले शख्स के तौर पर उनको मिला सरकारी सर्टिफिकेट और नेशनल पैनॉसोनिक का पहला भारतीय ब्रांड अंबेसडर वाला पोस्टर दोनों मैंने देखे हैं। मिथुन की शख्सीयत के तमाम पहलू हैं और सैकड़ों किस्से हैं। बाइस्कोप में हम उनकी फिल्म फिल्म ‘प्रेम प्रतिज्ञा’ की बात कर रहे हैं तो जानना जरूरी ये भी है कि ये फिल्म आखिर रीमेक किस फिल्म की है। तेलुगू फिल्मों का बड़ा नाम रहे निर्देशक बापू ने फिल्म फिल्म ‘प्रेम प्रतिज्ञा’ बनाई तमिल फिल्म ‘वंदीचक्करम’ के रीमेक के तौर पर। यह वही फिल्म है जिसमें वीनू चक्रवर्ती ने हीरो शिवकुमार के साथ खास रोल किया। और ये वही वीनू चक्रवर्ती हैं जिन्होंने एकता कपूर की फिल्म ‘डर्टी पिक्चर’ के समय खासा उत्पात भी मचाया था। वीनू चक्रवर्ती को ही सिल्क स्मिता को फिल्मों में लाने का श्रेय दिया जाता है।
1989 अमिताभ बच्चन के जाने और सलमान खान के आने का साल भी रहा। फिल्म ‘प्रेम प्रतिज्ञा’ के लिए इस साल माधुरी दीक्षित को फिल्मफेयर अवार्ड्स में बेस्ट एक्टर फीमेल कैटेगरी में नामांकन मिला। इस कैटेगरी में नामांकन हासिल करने वाली अन्य अभिनेत्रियां रहीं, भाग्यश्री (मैंने प्यार किया), श्रीदेवी (चांदनी), विजयाशांति (ईश्वर) और श्रीदेवी (चालबाज)। ये पुरस्कार श्रीदेवी ने फिल्म ‘चालबाज’ के लिए इस साल जीता। माधुरी दीक्षित ने इसके पिछले साल फिल्म तेजाब के लिए भी बेस्ट एक्टर फीमेल का नामांकन हासिल किया था। माधुरी को फिल्म ‘प्रेम प्रतिज्ञा’ के लिए पुरस्कार न मिलने पर फिल्मफेयर पर पक्षपात करने के आरोप भी लगे। माधुरी चुपचाप अपना काम करती रहीं और अगले ही साल फिल्म ‘दिल’ के लिए उन्होंने ये पुरस्कार जीतकर एलान कर ही दिया कि श्रीदेवी के हीरोइन नंबर वन सिंहासन पर अब उनका कब्जा हो चुका है। फिल्म में माधुरी दीक्षित पर फिल्माए गए एक रेप सीन को लेकर इंटरनेट पर तमाम सामग्री पड़ी हुई है कि इस दौरान अभिनेता रंजीत कुछ ज्यादा ही उत्तेजित हो गए थे और फिल्म निर्देशक बापू को उन्हें अलग करना पड़ा था, लेकिन शूटिंग पर मौजूद सदस्यों की मानें तो ये मनगढ़ंत किस्सा है और ऐसा कुछ हुआ नहीं था।
