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जावेद अख्तर: प्रोडयूसर ने मुंह पर फेंक दी थी स्क्रिप्ट तो भी हार न माने, अमिताभ से ज्यादा वसूली फीस

Thu, 17 Jan 2019 10:16 AM IST
श्रद्धा चतुर्वेदी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: श्रद्धा चतुर्वेदी Updated Thu, 17 Jan 2019 10:16 AM IST
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birthaday special javed akhtar and his life
जावेद अख़्तर
शब्दों के जादूगर हिंदी सिनेमा के बेहतरीन राइटर और गीतकार जावेद अख्तर का जन्म 17 जनवरी 1945 को ग्वालियर में हुआ था। उनके पिता जां निसार अख्तर प्रसिद्ध शायर और माता सफिया अख्तर लेखिका थीं। जावेद अख्तर ने बॉलीवुड में करियर की शुरुआत बतौर डायलॉग राइटर की, बाद में वह स्क्रिप्ट राइटर और गीतकार भी बने। जावेद अख्तर को 14 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला है। इनमें सात बार उन्हें बेस्ट स्क्रिप्ट के लिए और सात बार बेस्ट लिरिक्स के लिए अवॉर्ड से नवाजा गया। जावेद अख्तर को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए 5 बार नेशनल अवॉर्ड भी मिल चुका है।
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जावेद अख़्तर
जावेद अख्तर का असली नाम जादू है। उनके इस नाम की पीछे एक खूबसूरत कहानी है। जावेद की पिता की कविता थी 'लम्हा-लम्हा किसी जादू का फसाना होगा' से होगा उनका यह नाम पड़ा था। जावेद नाम जादू से काफी मिलता- जुलता था, इसलिए उनका नाम जावेद रख दिया गया। जावेद अख्तर हमेशा से ही कुछ अलग करना चाहते थे, इसलिए वह 4 अक्टूबर 1964 को मुंबई आ गए। उस वक्त उनके पास न खाने के पैसे थे न कहीं रहने के। कई रात सड़कों पर सोने के बाद उनको बाद में कमाल अमरोही के स्टूडियो में ठिकाना मिला।
 
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javed akhtar
जावेद अख्तर के लिए बॉलीवुड में करियर बनाना आसान नहीं था। उनको अपने शुरुआती दिनों में काफी संघर्ष करना पड़ा था। एक बार जावेद अख्तर अपनी स्क्रिप्ट लेकर किसी प्रोड्यूसर के पास गए। प्रोड्यूसर को जावेद की स्क्रिप्ट इतनी बुरी लगी कि उसने स्क्रिप्ट के पन्ने उनके मुंह पर मार दिए और जावेद से कहा कि तुम जिंदगी में कभी भी लेखक नहीं बन सकते, लेकिन जावेद ने हार नहीं मानी और एक लेखक बनकर दिखाया। बॉलीवुड को जावेद अख्तर ने बेहतरीन फिल्में दीं, वहीं जावेद अख्तर को कामयाबी सलीम खान के साथ काम करने के बाद मिली और उनकी दोस्ती भी हिट रही।
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अमर उजाला - फोटो : Getty Images

सलीम खान और जावेद को सलीम- जावेद डायरेक्टर एसएम सागर ने बनाया। दरअसल एसएम सागर कोई राइटर नहीं मिल रहा था तो उन्होंने दोनों को मौका दिया। जावेद अख्तर ने दो शादियां कीं। जावेद अख्तर की पहली पत्नी हनी ईरानी थीं, जिनके साथ उनकी मुलाकात सीता और गीता के सेट पर हुई थी। बाद में दोनों के रिश्ते खराब होने की वजह से यह शादी टूट गई। जावेद अख्तर शुरुआती दिनों में कैफी आजमी के सहायक थे। बाद में उन्हीं की बेटी शबाना आजमी के साथ उन्होंने दूसरी शादी की।

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javed akhtar - फोटो : social media
बॉलीवुड को जावेद अख्तर ने बेहतरीन फिल्में दीं, वहीं जावेद अख्तर को कामयाबी सलीम खान के साथ काम करने के बाद मिली और उनकी दोस्ती भी हिट रही। सलीम खान और जावेद अख्तर की पहली मुलाकात सरहदी लुटेरा फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई थीं। इस फिल्म में सलीम खान हीरो थे। दोनों ने मिलकर बॉलीवुड को कई सुपरहिट फिल्में दीं। इनमें जंजीर, त्रिशूल, दोस्ताना, सागर, काला पत्थर, मशाल, मेरी जंग और मि. इंडिया, दीवार, शोले जैसी फिल्में शामिल हैं। वहीं इन दोनों की जोड़ी ने राइटर्स को कम फीस देने के ट्रेंड को भी बदला। उस दौर में जब लेखक को हीरो से बहुत कम पैसे मिलते थे, इन दोनों ने फिल्म दोस्ताना में अमिताभ बच्चन से ज्यादा फीस ली। अमिताभ को फिल्म के लिए 7 लाख रुपए मिले थे। वहीं इन दोनों ने 7.5 लाख रुपए लिए थे।
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