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58 साल पहले 15 फिल्मों के खर्चे पर बनी थी 'मुगल ए आजम', बजट सुनते ही हिल गया था बॉलीवुड
Thu, 14 Jun 2018 07:24 PM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 14 Jun 2018 07:24 PM IST
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मुगल ए आजम
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भारतीय सिनेमा की यादगार फिल्मों में से एक 'मुगल ए आजम' बनाने वाले निर्देशक करीमुद्दीन आसिफ का जन्म 14 जून 1922 को हुआ था। उन्होंने 9 मार्च 1971 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया। के आसिफ ने एक्टर दिलीप कुमार की बहन अख्तर आसिफ से शादी की थी। उन्होंने कुल तीन शादियां की थीं।
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के आसिफ
के आसिफ ने अपनी पूरी जिंदगी में केवल 3 फिल्में ही बनाई थीं। जिनमें 'मुगल ए आजम' दूसरी फिल्म थी। इस फिल्म ने भारतीय सिनेमा में इतिहास रच दिया। के आसिफ के भीतर इस कदर जुनून था कि फिल्म को बनाने में 17 साल लगा दिए। उन्होंने 'मुगल ए आजम' के निर्माण में पानी की तरह पैसा बहाया। इसका अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि यह उस दौर की सबसे महंगी फिल्म थी। फिल्म का बजट करीब 1.5 करोड़ रुपये था।
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यह फिल्म मुगल बादशाह मोहम्मद जलालुद्दीन अकबर के बेटे सलीम और अनारकली की प्रेम कहानी पर आधारित थी। पहले इस फिल्म में एक्टर सप्रू चंद्रमोहन और नरगिस ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। जो 1940 में रिलीज होने वाली थी। बाद में 'मुगल ए आजम' को नए स्टारकास्ट के साथ दोबारा शूट किया गया। जिसमें पृथ्वीराज कपूर, दिलीप कुमार और मधुबाला शामिल थे। ये अगस्त 1960 में बड़े परदे पर रिलीज हो पाई।
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फिल्म के कई युद्ध सीन के लिए करीब 2000 ऊंट और 4000 से ज्यादा घोड़ों का इस्तेमाल किया गया था। आपको जानकारी हैरानी होगी कि फिल्म के युद्ध सीन में दिखाए गए सैनिकों में ज्यादातर भारतीय सेना में सिपाही थे। फिल्म में जोधाबाई के लिए नकली मोतियों का इस्तेमाल करने की बजाय असली मोतियों का इस्तेमाल किया गया था। के आसिफ का मानना था कि कांच के मोती जब जमीन पर गिरते हैं तो आवाज नहीं होती है।
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फिल्म के मशहूर गाने 'जब प्यार किया तो डरना क्या' की शूटिंग में ही उस दौर में 10 लाख रुपये लगे थे। उस दौर में इतने रुपये से पूरी एक फिल्म बन जाती थी। गाने का संगीत नौशाद ने दिया था, इसे शकील बदायूंनी ने लिखा था। जबकि स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने इसे आवाज दी थी। गाने के बोल को नौशाद ने 105 रि-राइट्स के बाद फाइनल किया था।
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