जीवन में कड़ा संघर्ष करने के बाद बॉलीवुड एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है जहां उनकी गिनती बेहतरीन एक्टर के रूप में होती है। नवाजदुद्दीन का जन्म 19 मई 1974 को मुजफ्फरनगर के छोटे से गांव बुढ़ाना में हुआ था। उनके जन्मदिन पर आइए जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें।
B'day Spl: फिल्मों में आने से पहले चौकीदारी का काम करता था 'फैजल', अब है मुंबई में करोड़ों का घर
नवाज के परिवार में आठ भाई-बहन थे। पिता किसान थे इसमें घर का खर्च पूरा नहीं पड़ पाता था इसलिए नवाज ने छोटी उम्र में ही नौकरी करनी शुरू कर दी थी। नवाज ने गुरुकुल कांगड़ी यूनिवर्सिटी से साइंस में ग्रेजुएशन किया लेकिन छोटे से कस्बे में कुछ बड़ा करने के बारे में सोच भी नहीं सकते थे इसलिए वो दिल्ली आ गए। खर्चा-पानी चलाने के लिए चौकीदारी की नौकरी कर ली हालांकि अब मुंबई में उनका खुद का घर है।
नवाज कुछ बड़ा करना चाहते थे, कुछ कर दिखाने का जज्बा उनमें उबाल मार रहा था इसलिए उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में एडमिशन ले लिया। उन दिनों नवाज के पास रहने को घर नहीं था इसलिए उन्होंने अपने सीनियर से कहा कि वो उन्हें अपने साथ रख लें तो नवाज के कुछ सीनियर ने उन्हें इस शर्त पर अपने अपार्टमेंट में रहने की इजाजत दी कि वो उन्हें खाना बनाकर खिलाएंगे। नवाज तैयार हो गए और अपने सीनियर के साथ रहने लगे। 1996 में वहां से ग्रेजुएट हो गए।
इसके बाद नवाज ने साक्षी थिएटर ज्वॉइन कर लिया। यहां उन्होंने मनोज बाजपेयी ओर सौरभ शुक्ला जैसे कलाकारों के साथ काम किया। ये उनकी सफलता की नहीं बल्कि संघर्ष की शुरुआत थी। हीरो बनने की चाह में नवाज मुंबई पहुंचे। यहां हर ऑडिशन में रिजेक्ट कर दिए जाते थे। नवाज के जो दोस्त उनके साथ मुंबई गए थे वो थक-हार कर घर लौट गए लेकिन नवाज डटे रहे। नवाज की पहली फिल्म 'सरफरोश थी।' इस फिल्म में नवाज ने मुखबिर का रोल निभाया था। फिल्म 'शूल' में नवाज को एक वेटर का रोल दिया गया।
इस बीच नवाजुद्दीन 'जंगल', 'मुन्नाभाई एबीबीएस' और कुछ शॉर्ट फिल्म में छोटे-मोटे रोल किए। उनकी किस्मत का सितारा तब चमका जब साल 2010 में 'पीपली लाइव' रिलीज हुई। इस फिल्म से नवाज फिल्ममेकर्स की नजरों में आ गए। इसके बाद तो नवाज के पास फिल्मों की झड़ी लग गई। 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में 'फैजल' के किरदार से नवाज ने सबका दिल जीत लिया। आज नवाज जाना-माना नाम बन गए हैं।
