बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता शबाना आजमी का आज जन्मदिन है। वो अपना 71वां जन्मदिन मना रही हैं। सोशल मीडिया पर उनके प्रशंसकों से लेकर मशहूर हस्तियों ने शबाना आजमी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं। पांच बार राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शबाना आजमी ने 70 के दशक में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की और फिर 80 और 90 के दशक में कई यादगार फिल्मों में काम किया। उनका जन्म 18 सितंबर 1950 को हैदराबाद में हुआ था। मुंबई के क्वीन मैरी स्कूल में पढ़ने के बाद शबाना आजमी ने सेंट जेवियर्स कॉलेज से मनोविज्ञान में स्नातक किया।
बर्थडे स्पेशल: 71 साल की हुईं शबाना आजमी, कभी कॉफी बेच कर कमाती थीं 30 रुपये
शबाना आजमी महेश भट्ट के निर्देशन में बनी फिल्म अर्थ में भी नजर आई थीl जिसे दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया गया। उनकी फिल्म खंडहर को भी दर्शकों का काफी प्यार मिला। यह फिल्म उस वक्त कांस फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित की गई थी। इस फिल्म का निर्देशन मृणाल सेन ने किया था। उनकी मां का नाम शौकत आजमी और पिता का नाम कैफी आजमी था। जो कि अपने जमाने के मशहूर कवि थेl
विकिपीडिया के मुताबिक, शबाना आजमी को पांच राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पांच फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। शबाना को पद्म श्री और पद्म भूषण पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित साल 1988 में किया गया था। जबकि, तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से साल 2012 में सम्मानित किया गया है
बहुत कम लोगों को पता है कि शबाना आजमी कभी 30 रुपये प्रति दिन के हिसाब से कॉफी बेचती थीं। दरअसल शबाना की मां शौकत आजमी की ऑटोबायोग्राफी ‘कैफी एंड आई मेमॉयर’ में कई बातें सामने आई हैं। शौकत आजमी का 22 नवंबर 2019 को निधन हो गया था। उन्होंने यह आत्मकथा 2005 में लिखी थी। इसी किताब में पहली बार यह बात सामने आई कि शबाना ने तीन महीने पेट्रोल स्टेशन पर ब्रू कॉफी बेची थी। जिसके लिए उन्हें 30 रुपये प्रतिदिन मिलते थे। हालांकि, उनकी मां को इस बात की जानकारी नहीं थी।
शबाना ने साल 1983, 1984 और 1985 में लगातार तीन वर्षों तक पुरस्कार जीता। उन्होंने स्वामी (1977), जूनून (1979), स्पर्श (1980), अर्थ (1982), (1983) और पार (1984) कुछ यादगार फिल्में कीं। शबाना ने साल 1984 में जावेद अख्तर से शादी की। जावेद, शबाना आजमी के पिता कैफी आजमी से लिखने का हुनर सीखने के लिए जाते थे। इसी दौरान शबाना और जावेद अख्तर एक दूसरे के करीब आए गया और उन्हें एक-दूसरे से प्यार हो गया। हालांकि, शबाना का परिवार इस शादी के खिलाफ था। इसकी वजह जावेद अख्तर का पहले से ही शादीशुदा होना था। जावेद की पहले से ही हनी से शादी हो चुकी थी और उनके दो बच्चे थे। लेकिन शबाना ने घर वालों की मर्जी के खिलाफ जाकर जावेद अख्तर से शादी की। उन्होंने परिवार से अपने प्यार के लिए बगावत कर दी थी।