लॉयन नाम तो सुना ही होगा। बेशक आप मशहूर एक्टर अजीत को लॉयन नाम से ज्यादा जानते होंगे। एक जमाने में फिल्मों में डॉन से लेकर हर गलत काम करने ले लिए मशहूर थे लॉयन। पर्दे पर अमूमन पीटर, रॉबर्ट, माइकल जैसे ईसाई किरदार उनको ही दिए जाते थे। उनकी इमेज सॉफ्ट बोलने वाले विलेन की थी। 'सारा शहर मुझे लायन के नाम से जानता है', 'मोना डार्लिंग', 'लिली डोंट बी सिली' जैसे डायलॉग आज भी अजीत खान की यादों को लोगों में जिन्दा रखते है। लेकिन अजीत कभी भी किसी विलेन का किरदान नहीं निभाना चाहते थे। वह बॉलीवुड में हीरो बनने आए थे। आज आपको बॉलीवुड का ऐसा किस्सा सुनाने जा रहे हैं जिसने अजीत को इंडस्ट्री का सबसे बड़ा गुंडा बना दिया था।
किस्सा-ए-बॉलीवुड: स्कूल की किताबें बेचकर मुंबई आए थे बॉलीवुड के 'लॉयन' अजीत, इस वजह से बने फिल्मों के विलेन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्कूल की किताबे बेचकर मुंबई आए
अजीत का असली नाम हामिद अली खान था। उन्हें बचपन से ही एक्टर बनने का शौक था। वह एक्टर बनने के लिए घर से भागकर मुंबई आ गए थे। जब मुंबई जाने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। इसलिए उन्होंने अपनी किताबों को बेच दिया और मुंबई आ गए। लेकिन यहां आने के बाद उनके पास कोई ठिकाना नहीं था।
पाइप में रहकर गुजारी रातें
मुंबई में अजीत के पास रहने के लिए कोई जगह नहीं थी, तो उन्होंने सड़क किनारे पड़े सीमेंट के पाइप को ही अपना घर बना लिया। एक इंटरव्यू में अजीत ने खुलासा किया था कि 'एक दबंग मुझसे पाइप में रहने के पैसे मांगने आया था। लेकिन मैंने उसको खूब धोया और फिर अगले दिन मैं खुद वहां का दबंग बन गया था। जिसकी वजह से मुझे फ्री में खाना मिलता और पाइपों में रहने का पैसा भी नहीं देना पड़ता था।'
बदल लिया नाम
1946 में अजीत के फिल्मी करियर की शुरूआत हुई। लेकिन उन्हें कोई खास सफलता नहीं मिल रही थी। इस दौरान उनका नाम हामिद अली खान ही था। लेकिन 1950 में फिल्म बेकसूर की शूटिंग के दौरान निर्देशक के अमरनाथ ने उन्हें नाम बदलने की सलाह दी। जिसके बाद हामिद अली खान ने अपना नाम बदलकर अजीत कर लिया। नाम बदलने के साथ ही उनकी किस्मत ने उनका साथ दिया और वह फिल्मों में राज करने लगे।
विलन बनकर हुए मशहूर
1966 में आई राजेंद्र कुमार की फिल्म सूरज से अजीत ने विलेन के किरदार की शुरुआत की थी। 1976 में आई कालीचरण के बाद से इंडस्ट्री में वह लॉयन के नाम से मशहूर हो गए थे। जिसके बाद उन्हें आजतक बॉलीवुड के सबसे बड़े विलेन के रूप में याद किया जाता है।