हाल ही में दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘पंजाब 95’ की रिलीज टल गई है। इस फिल्म की कहानी की बात की जाए तो यह मानवधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह की बायोपिक है। पंजाब 90 के दशक में उग्रवाद की आग में जल रहा था, तब पुलिस द्वारा भी कुछ गलत काम किया गया। उसी बात को जसवंत सिंह सामने लाए। बाद में जसवंत सिंह गायब हो गए। क्या हुआ उनके साथ? किस बात का खुलासा उन्होंने किया? यही सब फिल्म में दिखाया जाएगा। दिलजीत की ही फिल्म भारत के किसी स्याह या काले दौर को नहीं दिखा रही है, इसके अलावा भी कई फिल्मों में ऐसी कहानियां कही गई हैं, जाे भारत के मुश्किल समय, स्याह दौर को दिखाती हैं।
Emergency: 'मौसम' में रोमांस के साथ तो 'इमरजेंसी' में बायोग्राफी के जरिए, फिल्मों में दिखा देश का काला इतिहास
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: पूनम कंडारी
Updated Wed, 22 Jan 2025 01:59 PM IST
सार
फिल्में समाज का आइना हैं, जो कुछ भी हमारे आसपास घटता है, उसकी झलक फिल्म की कहानियों में नजर आती है। इसी तरह देश की कई स्याह घटनाओं के दर्द को भी बड़े पर्दे पर दिखाया गया है। जानिए, ऐसी कुछ अलग-अलग जॉनर की फिल्मों के बारे में, जिनमें भारत के स्याह दौर की कहानियां दिखाई गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन