बीते दिनों निजामुद्दीन में तब्लीग जमात के मरकज में हुए धार्मिक कार्यक्रम में 1800 से ज्यादा लोग शामिल हुए। इनमें कुछ विदेशी भी थे। ये कार्यक्रम एक से 15 मार्च की बीच हुआ था। कोरोना वायरस की वजह से पूरे देश में लगे लॉकडाउन के बीच इतने लोगों की भीड़ इकट्ठा होने पर हर कोई जामातियों की आलोचना कर रहा है क्योंकि कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सभी जंमाती अलग अलग जगह वापस चले गए हैं। ऐसे में पूरे देश में कोरोना वायरस के फैलने का डर है।
मस्जिद बंद करने के समर्थन में एक बार फिर आए जावेद अख्तर, कहा- 'मैं फतवे की इस मांग का समर्थन करता हूं'
वहीं इस घटना की कई फिल्मी सितारे भी आलोचना कर रहे हैं। बीते दिनों मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने इस घटना के बाद देश की सभी मस्जिदों को बंद करने की पैरवी की थी। एक बार फिर उन्होंने अपनी इस मांग को दोहराया है। वह लगातार अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष ताहिर महमूद की उस बात का समर्थन कर रहे हैं जिसमें उन्होंने बीते दिनों दारुल उलूम देवबंद से कहा था है कि जब तक कोरोना वायरस का प्रकोप है तब तक सभी मस्जिदों को बंद करने के लिए फतवा जारी करें।
अब एक बार फिर से जावेद अख्तर ने उनकी इस बात का समर्थन करते हुए ताजा प्रतिक्रिया दी है। अब उन्होंने ट्वीट कर कहा कि, 'हां, मैं फतवे की इस मांग का समर्थन करता हूं, इसलिए नहीं क्योंकि मुझे उनके मार्गदर्शन की जरूरत है, लेकिन मैं यह जानना चाहता हूं कि इस मुद्दे पर उनका स्पष्ट रुख क्या है, ना ज्यादा ना कम।' तमाम सोशल मीडिया यूजर्स और जावेद अख्तर के फैंस उनके इस ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
Fathwa is the order of the day for Ummah's even in democratically elected government. What a thought @Javedakhtarjadu Ji, have declared India as Sharia Country or is this the aim of your Ummah's https://t.co/8QLsTKEKfF
इससे पहले ताहिर महमूद की इसी बात का समर्थन करने हुए जावेद अख्तर ने अपने ट्विटर पर लिखा था कि, 'स्कॉलर और अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष ताहिर महमूद साहेब ने दारूल उलूम देवबंद से मस्जिदों को बंद करने का फतवा जारी करने के लिए कहा है, जब तक कि कोरोना का ये समय खत्म नहीं हो जाता। मैं पूरी तरह से उनकी इस मांग का समर्थन करता हूं। अगर काबा और मदीना की मस्जिद बंद हो सकती है तो भारत की मस्जिदों को क्यों बंद नहीं किया जा सकता?'
गौरतलब है कि निजामुद्दीन स्थित तब्लीग जमात के मरकज में दिल्ली पुलिस को मिले 1830 व्यक्तियों में 281 विदेशी भी शामिल हैं। मरकज में बीती मार्च के मध्य में एक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। एक से 15 मार्च तक चले इस जलसे में मलेशिया, अफगानिस्तान, कुवैत, अल्जीरिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और किर्गिस्तान सहित कई अन्य देशों के लोग शामिल हुए थे।