कोरोना महामारी के चलते पूरे भारत में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन है। 21 दिन तक चलने वाले इस लॉकडाउन की मियाद कल पूरी होने वाली है। संपूर्ण लॉकडाउन के बावजूद कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या में हर दिन इजाफा हो रहा है। ऐसे में लॉकडाउन बढ़ाने को लेकर सभी राज्य अपनी चिंता व्यक्त कर चुके हैं। देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्री अपने यहां आने वाले कुछ समय के लिए लॉकडाउन बढ़ाने की बात कर रहे हैं।
तब्लीगी जमात और लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर बोले परेश रावल, 'आप दूसरों के जीवन को..'
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वहीं लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में देश की कई बड़ी हस्तियां भी शामिल है। बॉलीवुड अभिनेता से नेता बने परेश रावल लॉकडाउन को आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं। अंग्रेजी वेबसाइट इंडिया टुडे की खबर के अनुसार परेश रावल ने कहा कि देश में बढ़ते कोरोना वायरस को देखते हुए उन्होंने लॉकडाउन को आगे बढ़ाने की बात कही है। साथ ही परेश रावल ने दिल्ली के निजामुद्दीन में तब्लीगी जमातियों द्वारा फैले कोरोना वायरस को लेकर भी बड़ी बात बोली है।
परेश रावल ने कहा, 'हम देख रहे हैं कि कोरोना वायरस कितनी तेजी से लोगों मैं फैल रहा है। इसलिए लॉकडाउन बढ़ाना बेहद जरूरी है। यही हम सभी के लिए सही होगा।' लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर पुलिस की बर्बरता दिखाने पर अभिनेता ने कहा कि पुलिस भी कोई मजे नहीं ले रही है, लेकिन जब लोग इस समय परिस्थिति को नहीं समझेंगे तो उन पर सख्ती दिखानी ही होगी।
याद दिला दें कि बीते दिनों निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात के मरकज में हुए धार्मिक कार्यक्रम में 1800 से ज्यादा लोग शामिल हुए थे। इस बारे में पता चलने पर सभी जमातियों का कोरोना टेस्ट किया गया जिसमें ज्यादातर कोविड-19 से संक्रमित पाए गए। वहीं इस घटना के बाद भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी। कुछ लोगों ने इस घटना को सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश की। इस मामले को लेकर परेश रावल से भी सवाल किया गया।
परेश रावल ने इस सवाल पर बात करते हुए कहा कि, 'ये कोई धर्म विशेष की बात नहीं है। हर मिनट का विवरण बताया जा रहा है, इसलिए कि यह जनता के लिए उपलब्ध है। थूकने और खुले में शौच करने की खबरें आई हैं। इससे कोई इनकार नहीं है। उल्लघंन करने वालों को जवाब देना होगा। आत्महत्या हमारे देश में एक अपराध है, इसलिए अगर आप दूसरों के जीवन को खतरे में डाल रहे हैं, तो क्या यह सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए?'
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