बॉलीवुड की कुछ लो बजट फिल्मों का हिस्सा रहीं दीपिका चिखलिया आज 1987 के हिट टीवी शो रामायण की सीता के तौर हर घर में पहचानी जाती हैं। आज वे 54 साल की हो गई हैं। दीपिका का जन्म 29 अप्रैल 1965 को महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में हुआ था। बहरहाल, आज हम आपको दीपिका की पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को लेकर चर्चा कर रहे हैं। आइए जानते हैं कैसा रहा सिल्वर स्क्रीन की फेमस सीता का अब तक का सफर।
फिल्मों में किस्मत आजमाने के बाद टीवी पर छाईं दीपिका चिखलिया, माता सीता बन घर-घर में पूजी गईं
दीपिका ने अपने करियर की शुरुआत मुंबई से ही की। उस वक्त दीपिका 14 साल की थीं जब उन्होंने कमर्शियल विज्ञापनों में काम करना शुरू कर दिया था। दीपिका ने लोगों के दिलों दिमाग पर यहीं से छाप छोड़ना शुरू कर दिया था। उनके पिता को उनका फिल्मों में काम करना बिल्कुल पसंद नहीं था लेकिन दीपिका की मां शुरुआत से ही हमेशा दीपिका का सहयोग किया करती थीं। वहीं, दीपिका ने जब रामायण साइन की थी तब उनकी उम्र महज 15 से 16 साल थी।
बहुत कम लोग यह बात जानते होंगे कि दीपिका चिखालिया ने रामायण से पहले कई फिल्मों में भी काम किया। दीपिका चिखलिया ने साल 1983 में फिल्म 'सुन मेरी लैला' से अपना फिल्मी सफर शुरू किया था। इसके बाद वह 'भगवान दादा' (1986), 'आशा ओ भालोबाशा' (बंगाली, 1989), 'खुदाई' (1994), जैसी फिल्मों में नजर आईं। वह 'चीख' (1986),'रात के अंधेर में' (1987) और 'नांगल' (तमिल, 1992) जैसी फिल्मों में बतौर एक्ट्रेस काम किया था।
दीपिका ने हेमंत टोपीवाला से शादी की थी। हेमंत श्रृंगार बिंदी और टिप्स एंड टोज नेलपॉलिश के ओनर हैं। दीपिका और हेमंत की दो बेटियां हैं- निधि टोपीवाला और जूही टोपीवाला। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दीपिका अब पति की कंपनी की मार्केटिंग टीम की हेड हैं। दीपिका ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनकी अरेंज्ड मैरिज हुई है। उन्होंने कहा, 'मेरे हैसबैंड हेमंत टोपीवाला के रिलेटिव की हमारी फैमिली में शादी हुई है। मेरी मां उनकी फैमिली से संतुष्ट थी कि यह परिवार एक सभ्य परिवार है। उनकी एक कॉस्मेटिक कंपनी है। कुल मिलाकर वे शादी से पहले वे एक पब्लिक फीगर थे।
दीपिका बीजेपी की सांसद भी रह चुकी हैं। उन्होंने 1991 में बीजेपी के टिकट पर वड़ोदरा से चुनाव लड़ा, और जीतकर संसद पहुंची थीं। दीपिका ने 1994 के बाद फ़िल्मों से लंबा ब्रेक ले लिया था। दीपिका काफी लंबे समय से अभिनय से दूर हैं।