जोया अख्तर के निर्देशन में बनी फिल्म 'गली ब्वॉय' में किरदार एमसी शेर से एक्टिंग की दुनिया में एक अलग पहचान बना चुके अभिनेता सिद्धांत चतुर्वेदी इस साल अपना 28वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 29 अप्रैल, 1993 को उत्तर प्रदेश के बलिया में हुआ था। इस फिल्म में रणवीर सिंह और आलिया भट्ट के अलावा जिस एक्टर के चर्चे रहे वह सिद्धांत चतुर्वेदी अका एमसी शेर हैं। चलिए इस खास मौके पर एक नजर डालते हैं सिद्धांत के बलिया से मुंबई तक के सफर पर ...
मिमिक्री करने से लेकर 'गली ब्वॉय' में रणवीर को टक्कर देने तक, ऐसा रहा सिद्धांत चतुर्वेदी का करियर
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सिद्धांत चतुर्वेदी ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में साल 2016 में कदम रखा था। करियर की शुरुआत उन्होंने वेब सीरीज 'लाइफ सही है' और 'इनसाइड एज' से की थी। वहीं एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने खुद अपनी जुबानी अपने करियर के बारे में खुलकर बात की थी। तब उन्होंने बताया था कि वो संजय लीला भंसाली के साथ कोई पौराणिक फिल्म में काम करना चाहते हैं क्योंकि संजय की फिल्म मेकिंग और सिद्धांत के दादाजी का रामायण, महाभारत की कहानियां सुनाने का तरीका एक जैसा है।
सिद्धांत ने बताया था, 'मैं बलिया से हूं, छह साल का था तब मुंबई आ गया। यहीं पला बढ़ा लेकिन जिस तरह की भाषा हमने 'गली ब्वॉय' में बोली, वैसी इतने साल मुंबई में रहकर सीखी नहीं थी। मेरा मानना यह है कि अगर आपको साफ हिंदी बोलनी आती है तो आप दुनिया की कोई भी भाषा बोल सकते हैं। जब मैंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में काम करने का मन बनाया तो खुद को तैयार करना शुरू कर दिया। उसके बाद मुझे एक दो फिल्में मिलीं जो फाइनल हो गई थीं लेकिन शूटिंग से ठीक पहले किसी न किसी स्टार किड की वहां एंट्री हो जाती थी। कुछ ऐसी कहानियां भी मिलीं जिन्हें मैं करना नहीं चाहता था।'
सिद्धांत आगे बताते हैं, 'एक दिन मेरी मुलाकात जोया अख्तर से हुई। वह किसी जादूगरनी से कम नहीं हैं। सिनेमा में मेरा जन्म उनकी वजह से हुआ है तो मैं उन्हें अपनी मां ही मानता हूं। उन्होंने मुझे काफी प्यार से संभाला और हम दोनों की इसी आपसी समझ से बना गली ब्वॉय का किरदार, एमसी शेर। इस रोल को लेकर मुझे अब वो लोग फोन करते हैं जो कभी मेरा मजाक उड़ाया करते थे। बचपन में मेरे बाल घुंघराते थे तो मुझे मैगी नूडल कहकर चिढ़ाते थे। मेरी आँखें छोटी हैं तो उस पर भी कमेंट होते थे। मेरे खिलाफ एक गैंग काम करता था, हर बार परफॉरमेंस से पहले मुझे डांस ग्रुप से निकलवा देते थे। मैं सीधा साधा लड़का, छल कपट मुझे नहीं आता लेकिन, मेरा मन साफ है, उनके फोन मैं अब भी उठाता हूं लेकिन सबका बात करने का अंदाज बदल चुका है।'
सिद्धांत ने आगे बताया, 'एक्टिंग की शुरूआत मैंने मिमिक्री से की। फिर नाटकों में खूब काम किया। इसके बाद यूं ही खेल खेल में मैंने एक फ्रेश फेस कंपटीशन में हिस्सा लिया। सुशांत राजपूत और जैकलीन फर्नांडीज उसके जज थे और रीजनल से लेकर नेशनल तक सारे राउंड मैं जीत गया। गली ब्वॉय में जोया के अलावा रणवीर ने भी मेरी बहुत मदद की। फिल्म की पहली स्क्रीनिंग के बाद मैं पांच मिनट तक तो उनके गले लगकर रोया। वह हमेशा बोलते रहते थे, ‘तुझमे वो बात है।‘ बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद रणवीर का फोन आया, बोले, ‘तूने तो विस्फोट कर दिया है।’