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कंगना के बयान पर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री का जवाब, लिखा- 'एक दिहाड़ी मजदूर भी टैक्स देता है'
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: Avinash Pal
Updated Wed, 25 Dec 2019 10:46 AM IST
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मनीष सिसोदिया और कंगना रनौत
- फोटो : सोशल मीडिया
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हाल ही में अपनी अपकमिंग फिल्म पंगा के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में कंगना रनौत ने नागरिकता कानून को लेकर हो रहे हिंसक विरोध पर अपनी बात रखी थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि हमारे देश की जनसंख्या में से सिर्फ 3-4 फीसदी लोग ही टैक्स भरते हैं और बाकी उन पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में अब दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कंगना को जवाब दिया है।
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Kangana Ranaut
- फोटो : amar ujala
दरअसल कंगना ने नागरिकता कानून को लेकर हो रही हिंसा पर कहा था कि, 'हमारी जनसंख्या में से महज 3-4 फीसदी लोग टैक्स भरते हैं। बाकी उन पर निर्भर रहते हैं। इसलिए बसें, ट्रेनें जलाने और देश में हंगामा खड़ा करने का अधिकार आपको किसने दिया? एक बस की कीमत बहुत ज्यादा होती है। वह कोई मामूली रकम नहीं होती और देश की हालत यह है कि कई लोग कुपोषण से मर रहे हैं।'
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Kangana Ranaut
- फोटो : amar ujala mumbai
कंगना ने आगे अपने बयान में कहा था, 'लोकतंत्र के नाम पर हिंसा भड़काना सही नहीं है। हम अब भी आजादी से पहले के दौर में अटके हुए हैं। उस वक्त उन लोगों के खिलाफ हड़ताल होती थी, जिन्होंने हम पर कब्जा जमा रखा था, जो टैक्स नहीं भरते थे, तब यह सब (प्रदर्शन करना) वाकई अच्छा था। लेकिन आज के दौर में लोकतंत्र के कारण आपका नेता आपके बीच से ही निकलता है। कोई इटली या जापान से नहीं आता।'
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मनीष सिसोदिया
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कंगना रनौत के दावे को पूरी तरह से गलत बताते हुए ट्वीट किए हैं। मनीष ने ट्विटर पर लिखा, 'हिंसा और पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचना तो हर हाल में गलत है। यह इंसानियत और कानून दोनो के खिलाफ है। पर यह देश सिर्फ 3% लोगों के टैक्स पर डिपेंड नहीं है। एक सामान्य नौकरीपेशा, यहां तक कि एक दिहाड़ी मजदूर से लेकर अरबपति तक देश में हर आदमी टैक्स देता है। एक दिहाड़ी मजदूर भी जब बाजार से माचिस या नमक का पैकेट खरीदकर लाता है तो टैक्ससहित कीमत देकर आता है. चंद अरबपतियों से मिलने वाला इनकम टैक्स ही केवल टैक्स नहीं होता है।'
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