सीधे ओटीटी पर रिलीज हुई रजनीकांत के दामाद धनुष की फिल्म ‘जगमे थंडीरम’ को लोग ‘कबाली’ का ही विस्तार मान रहे हैं। लेकिन फिल्म ‘कबाली’ में जो जादू रजनीकांत का बड़े परदे पर चला था। वह फिल्म ‘जगमे थंडीरम’ में धनुष का चल नहीं पा रहा है। नकलें सारी उन्होंने रजनीकांत की ही इस फिल्म में उतारी हैं लेकिन रजनीकांत की खाली की हुई जगह पर पहले ही विजय जैसे सितारों ने कब्जा जमा लिया है। नेशनल अवार्ड विनर ‘असुरन’ के बाद ‘करनन’ और उसके बाद ‘जगमे थंडीरम’ से लोग धनुष के लिए कामयाबी की हैट्रिक की उम्मीद लगा रहे थे लेकिन नेटफ्लिक्स के भारतीय कंटेंट को चुनने में लगातार हो रही गलतियों की फिल्म ‘जगमे थंडीरम’ नई बानगी बन गई है। फिल्म की रिलीज से पहले धनुष ने इसके सिनेमाघरों में रिलीज न हो पाने का अफसोस जताया था लेकिन फिल्म की कायदे की ओपनिंग तो ओटीटी पर भी नहीं लगी है।
Jagame Thandhiram: नेटफ्लिक्स को साउथ में बड़ा झटका, दर्शकों को नहीं भाई ‘कबाली’ जैसी एक और कहानी
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अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस एंटरटेनमेंट को डिजिटल मनोरंजन जगत में लगा ये लगातार दूसरा झटका है। कंपनी की जी5 पर रिलीज हुई वेब सीरीज ‘सनफ्लॉवर’ तमाम प्रचार प्रसार के बावजूद अपनी कहानी और पटकथा के कमजोर होने के चलते मात खा गई। सीरीज में सुनील ग्रोवर, रणवीर शौरी और आशीष विद्यार्थी आदि ने काम भी बढ़िया किया है पर बात बनी नहीं। वहीं फिल्म ‘जगमे थंडीरम’ की कहानी ही नहीं बल्कि अभिनय भी लोगों को नकली नजर आ रहा है।
फिल्म ‘जगमे थंडीरम’ की रिलीज का हल्ला मचाने के लिए इसके अभिनेता धनुष ने वर्चुअल तरीके से एक फैन इवेंट का आयोजन किया था। इस फैन इवेंट को पूरी तरह से तमिल दर्शकों के लिए रखा गया, जबकि फिल्म को हिंदी में भी डब करके रिलीज किया गया है। फिल्म के हिंदी संस्करण का बिल्कुल प्रचार प्रसार न किए जाने से भी फिल्म ‘जगमे थंडीरम’ को काफी नुकसान पहुंचा है। देश की हिंदी पट्टी में इन दिनों दक्षिण भारत की डब की हुई फिल्में खूब देखी जा रही हैं और देश के तमाम प्रीमियम मूवी टीवी चैनलों की तो रेटिंग ही इन फिल्मों के चलते सबसे ज्यादा आ रही है लेकिन नेटफ्लिक्स ने फिल्म ‘जगमे थंडीरम’ को लेकर ऐसा कोई प्रयास नहीं किया। नेटफ्लिक्स के सूत्र बताते हैं कि कंपनी ने भारत में भारतीय भाषाओं के लिए अभी तक कोई टीम नहीं बनाई है और उनका सारा काम अभी तक सिर्फ और सिर्फ अंग्रेजी में ही होता आ रहा है।
फिल्म ‘जगमे थंडीरम’ की रिलीज से पहले इसके निर्देशक कार्ति सुब्बाराज ने कहा था कि ये फिल्म उनकी ड्रीम फिल्म है और ये एक ऐसी स्क्रिप्ट पर बनी फिल्म है जो उनके दिल के बहुत करीब है। इस कहानी को लोगों तक पहुंचाया जाना बहुत ही जरूरी था। नेटफ्लिक्स की तारीफ करते हुए कार्तिक का कहना था कि इसके जरिए फिल्म को दर्शकों तक पहुंचने का एक नया माध्यम मिला है और वह एक अतरंगी दुनिया (‘जगमे थंडीरम’) की इस कहानी के बारे में लोगों की प्रतिक्रिया जानने को बेताब हैं। लेकिन, जो प्रतिक्रियाएं फिल्म को लेकर अब आ रही हैं वे कार्तिक के लिए कतई अच्छी नहीं हैं।
तमिलों का मुद्दा यहां वेब सीरीज 'द फैमिली मैन 2' के बाद एक बार फिर उठा है। फिल्म ‘जगमे थंडीरम’ में धनुष के साथ ऐश्वर्या लक्ष्मी, जोजू जॉर्ज, जेम्स कॉस्मो आदि कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं। लेकिन, लोगों को फिल्म का पूरा माहौल ही जबर्दस्ती का बनाया नजर आ रहा है। सुरीली के रोल में धनुष को लोग उनके ससुर रजनीकांत की फिल्म ‘कबाली’ की कॉपी मान रहे हैं और दोनो किरदारों की इस तुलना में धनुष रत्ती भर भी कंपटीशन में नहीं ठहरते। फिल्म के बाकी किसी भी कलाकार का अभिनय लोगों को प्रभावित नहीं कर सका है। फिल्म तकनीकी तौर पर भी काफी कमजोर है।