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Strong Female Characters: महिला किरदारों को लेकर ओटीटी ने मारी बाजी, थियेटर में आज भी फोकस गुड लुक्स की तरफ

Wed, 09 Mar 2022 05:00 PM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: अपूर्वा राय Updated Wed, 09 Mar 2022 05:00 PM IST
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Difference between Theatrical and Ott female protagonist character
दमदार महिला किरदार - फोटो : Social media

ओटीटी के आ जाने के बाद एक्टर्स के लिए नए रास्ते खुल गए हैं। दर्शकों के ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से शिफ्ट होने की वजह से वेब सीरीज और फिल्मों के निर्माण में भी तेजी आई है। कई ऐसे कलाकारों को ओटीटी की वजह से शोहरत मिली, जिनको अच्छे काम के बावजूद इंडस्ट्री में एक रोल के लिए तरसना पड़ता था। इसी ओटीटी ने महिलाओं के किरदारों को भी एक नई दिशा दी है। सिनेमाघरों में जहां आज भी महिला कैरेक्टर को ग्लैमराइज करने पर ध्यान दिया जाता है। वहीं ओटीटी का गणित कुछ अलग है। ऑरमैक्स मीडिया ने हाल ही में एक सर्वे किया है, जिसमें सिनेमाघरों और ओटीटी पर दिखाए जाने वाले महिला किरदारों के बीच फर्क को बताया गया है।


 

Difference between Theatrical and Ott female protagonist character
OTT Series - फोटो : सोशल मीडिया

ओटीटी आने के बाद मनोरंजन उद्योग में महिलाओं की उपस्थिति बदली
यह सर्वे थियेटर और ओटीटी में रिलीज होने वाली फिल्मों में दिखाए गए महिला किरदारों को ध्यान में रखकर किया गया। जिसमें पाया गया कि पिछले पांच सालों में खासकर ओटीटी के आने के बाद से महिलाओं के लिए लिखे जाने वाले रोल्स में काफी बदलाव आया है। अब ये पहले से कहीं ज्यादा मीनिंगफुल और पावरफुल हैं। इन किरदारों को देखकर ये कहा जा सकता है कि अब हीरोइन सिर्फ एक शोपीस नहीं हैं, बल्कि अपने दम पर शो हिट कराने का साहस भी रखती है। इतना ही नहीं मनोरंजन उद्योग में महिलाओं की उपस्थिति भी पहले से काफी बदली है।

Difference between Theatrical and Ott female protagonist character
पूजा भट्ट, तापसी पन्नू और अमृता सुभाष - फोटो : सोशल मीडिया

दर्शक पसंद कर रहे हैं महिला केंद्रित कंटेंट
लंबे समय तक हमारा सिनेमा केवल पुरुष दृष्टिकोण से कहानियां सुनाता था, लेकिन ओटीटी के आने के बाद स्थिति में सुधार आया है। महिलाए हर अंदाज को बेहद खूबसूरती और पूरे परफेक्शन के साथ पेश कर रही हैं, हालांकि सिनेमाघरों के लिए बनीं फिल्मों में आज भी महिला कैरेक्टर को ग्लैमराइज करने पर फोकस किया जा रहा है। फिल्मों से अलग वेब शोज में महिला कलाकारों को ज्यादा लंबे रोल मिलते हैं जिससे उन्हें अपनी अभिनय क्षमता भी दिखाने को मिलता है साथ ही यहां वैरायटी भी ज्यादा है। दर्शक भी इन्हें पसंद कर रहे हैं।

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Difference between Theatrical and Ott female protagonist character
दिल्ली क्राइम - फोटो : नेटफ्लिक्स

ओटीटी पर छाये रहे ये दमदार महिला किरदार
क्राइम ड्रामा सीरीज दिल्ली क्राइम में शेफाली शाह ने अपने डायनामिक एक्टिंग स्किल्स के दम पर अपने किरदार में जान डाल दी है। वहीं अभिनेत्री सुष्मिता सेन का करियर लगभग खत्म ही माना जाने लगा था लेकिन उन्होंने ओटीटी प्लेटफॉर्म की ओर रुख किया और उनका यह फैसला उनके करियर के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘बॉम्बे बेगम्स’ से पूजा भट्ट ने लंबे समय बाद वापसी की और छा गईं, हालांकि इनकी लोकप्रियता के पीछे कहीं न कहीं स्टोरी का योगदान नकारा नहीं जा सकता। ओटीटी के आने से कंटेंट क्रिएटर्स के लिए कलेक्शन के दबाव के बिना कंटेंट बनाना आसान हो गया है।

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