7 जुलाई 2021 की सुबह सिनेमा प्रेमियों और देश के लिए एक दुखद खबर सामने लाई। सुबह 7 बजकर 30 मिनट पर ट्रेजेडी किंग दिलीप कुमार का निधन हो गया। दिलीप कुमार 98 साल के थे और मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। दिलीप साहब कई बार अस्पताल गए और हर बार मौत को मात देकर वापस लौटे। हर बार उनके करीबियों ने फैंस को बताया कि दिलीप साहब ठीक हैं और घर आ गए हैं, लेकिन आज जो सूचना सामने आई वो उनके निधन की थी। लगातार मौत को मात देने वाले दिलीप साहब ने आज मौत को चुपचाप गले लगा लिया। उनके निधन ने सिर्फ उनके फैंस को ही नहीं बल्कि देश के बड़े बड़े राजनेताओं और दिग्गजों को भी दुखी कर दिया है।
ट्रेजेडी किंग: दिलीप कुमार के निधन से पाकिस्तान भी हुआ गमगीन, सरकार ने दिया था सर्वोच्च सम्मान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पेशावर में जन्में दिलीप कुमार को पाकिस्तान की सरकार ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान निशान-ए-इम्तियाज से नवाजा था। दिपील कुमार कहते थे, 'पेशावर में मैं उस समय अपने आसपास की चीजों को देखकर हमेशा उत्सुकता से भरा रहता था। मैं अपनी मां का हर तरफ पीछा करता था और जब मेरी मां और उनकी आंटी आपस में बात करतीं तो मैं उनकी बात सुनता था। इससे ही मुझे आगे चलकर फिल्मों में स्क्रिप्ट चुनने में मदद मिली'।
मुंबई दिलीप कुमार की कर्मभूमि रही है। इस शहर ने उनके सपनों को वो पंख दिए जिससे दिलीप साहब बहुत ऊंची उड़ान भर सकें, लेकिन कोई शख्स कितना भी ऊंचा उड़े अपने जमीन से जुड़े रहना जरूरी होता है। दिलीप साहब के साथ भी कुछ ऐसा ही था। वो पेशावर में बसे अपने घर को हमेशा अपने दिल के किसी कोने में रखते थे। वो सोशल मीडिया पर भी अपने घर के बारे में किस्से साझा करते थे।
एक ट्वीट में दिलीप कुमार ने लिखा था, 'पेशावर में मैं अपने माता-पिता, दादा-दादी और कई अंकल-आंटी के साथ रहता था। मेरा घर हंसी-ठिठोली से गूंजता रहता था। मेरी मां अक्सर मुझे किचन में मिलती थीं जहां वो काफी मेहनत करती थीं। मुझे घर के अंदर बैठकर परिवार के सदस्यों का चाय पीना आज भी याद है। वहां एक बड़ा कमरा था जहां घर की औरतें प्रार्थनाएं करती थीं। मुझे अपने दादा की पीठ पर घूमना और दादी की डरावनी कहानियां याद हैं'। उन्होंने लोगों से अपने पुश्तैनी घर की तस्वीरें साझा करने का अनुरोध किया था। वहीं उनके फैंस ने भी उनकी घर की तस्वीरें साझा की थीं।
दिलीप साहब की बचपन की यादों से सजे इस घर को पाकिस्तान की पख्तूनख्वा प्रांत की सरकार ने खरीदने की मंजूरी दे दी है। पेशावर के जिला आयुक्त कैप्टन खालिद महमूद ने अभिनेता के घर को वर्तमान मालिकों की आपत्तियों को खारिज कर दिया और उनके घर को पुरातत्व विभाग को सौंपने के आदेश दिए। बता दें कि जिला आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक जमीन अधिग्रहण करने वाले विभाग के नाम रहेगी यानि निदेशक पुरात्तव एवं संग्राहलय। दिलीप साहब के 100 साल पुराने इस घर की कीमत 80 लाख रुपये तय की गई । इसे 2014 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया था।