पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का आज यानी 25 दिसंबर को जन्मदिन है। वह भारत के सबसे लोकप्रिय राजनेताओं में से एक रहे हैं। राजनीति में रहने के साथ-साथ उनका साहित्य, कविताओं और फिल्मों से भी खास नाता रहा है।
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फिल्मों से उनका लगाव इसी से समझा जा सकता है कि हेमा मालिनी की एक फिल्म उन्हें इतनी पसंद आई जिसे उन्होंने 25 बार देख ली। इस बात का खुलासा खुद बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने एक कार्यक्रम के दौरान किया था।
हेमा मालिनी ने बताया कि, 'मुझे याद है जब एक बार मैंने बीजेपी पदाधिकारियों से कहा कि मैं अपने भाषणों में अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र करती हूं लेकिन उनसे कभी मिली नहीं, मिलवाइए। इसके बाद मुझे उनसे मिलवाने ले जाया गया। मुलाकात में मैंने महसूस किया कि अटल बिहारी वाजपेयी बात करने में कुछ हिचकिचा रहे हैं। इस पर मैंने वहां मौजूद एक महिला से पूछा कि क्या बात है? अटल जी ठीक से बात क्यों नहीं कर रहे? उन्होंने बताया कि असल में यह आपके बहुत बड़े प्रशंसक रहे हैं। इन्होंने 1972 में आई आपकी फिल्म 'सीता और गीता' 25 बार देखी थी। आज अचानक आपको सामने पाकर हिचकिचा रहे हैं।'
हेमा मालिनी ने बताया था, 'मुझे राजनीति में, वह भी खास तौर पर बीजेपी में लाने का श्रेय मेरे को-एक्टर और बीजेपी से ही सांसद रहे विनोद खन्ना को जाता है। 1999 में गुरुदासपुर से दूसरी बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे विनोद खन्ना ने मुझे प्रचार के लिए बुलाया था। तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने मुझसे प्रचार के लिए कहा था। तब पहला भाषण मेरी मां ने लिखकर दिया था। सभा में बहुत भीड़ थी जिससे खुश होकर आडवाणी ने बिहार में प्रचार का न्योता दे दिया। उसके बाद तो मैं अक्सर बीजेपी के प्रचार में जाने लगी और 2003 में उन्होंने राज्यसभा सदस्य बनाकर मुझे एक बड़ी जिम्मेदारी भी दे दी।'
हेमा मालिनी ने कहा कि 'इसके बाद तो मैं गुजरात में मोदी के लिए तो छत्तीसगढ़ में डॉ. रमण सिंह के लिए, जहां भी पार्टी ने बुलाया प्रचार के लिए जाती रही। परिणाम भी अच्छे ही रहे। संयोग ही था कि सभी जगह बीजेपी जीतती गई, लेकिन अफसोस है बिहार में ऐसा न हो सका।’