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अमिताभ-तापसी के साथ मिलकर 8 को 'बदला' लेंगे सुजॉय घोष, इंटरव्यू में खोले फिल्म के अनकहे राज
Mon, 04 Mar 2019 09:29 AM IST
विजय जैन
एंटरटेनमेंट डेस्क, मुंबई
एंटरटेनमेंट डेस्क, मुंबई
Published by: विजय जैन
Updated Mon, 04 Mar 2019 09:29 AM IST
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सुजॉय
- फोटो : सोशल मीडिया
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सुजॉय घोष की गिनती बॉलीवुड के लीग से हटकर काम करने वाले निर्देशकों में होती है। उनकी फिल्मों में कोई न कोई महत्वपूर्ण संदेश छिपा होता है। 'कहानी' और 'तीन' जैसे फिल्में बना चुके सुजॉय अब 'बदला' के जरिए एक बार फिर बड़े पर्दे पर आ रहे हैं। अमिताभ बच्चन और तापसी जैसी बड़े कलाकारों के साथ बनी ये फिल्म 8 मार्च को रिलीज होगी। अमर उजाला से खास बातचीत में सुजॉय ने कई मुद्दों पर खुलकर बात की।
सुजॉय
- फोटो : सोशल मीडिया
हर तरफ अब कंटेंट की गूंज है, इसकी शुरूआत तो आपने सात साल पहले ही फिल्म कहानी से कर दी थी, क्या कहना चाहेंगे ट्रेंडसेटर के तमगे के बारे में?
हम चाहे किताब लिखें या फिल्म बनाएं, कला के क्षेत्र में कंटेंट का बहुत महत्व होता है पर सिनेमा कारोबार है। पहले लोग उसी तरह की फिल्मों पर पैसा लगाते थे जिसमें उन्हें लगता था कि पैसा डूबेगा नहीं। मेरी फिल्म कहानी के साथ भी यही हुआ था। उस पर पैसा लगाने वाले डरे हुए थे। मेरे हिसाब से बदलाव यह आया है कि पैसे लगाने वालों का नजरिया बदल गया है।
हम चाहे किताब लिखें या फिल्म बनाएं, कला के क्षेत्र में कंटेंट का बहुत महत्व होता है पर सिनेमा कारोबार है। पहले लोग उसी तरह की फिल्मों पर पैसा लगाते थे जिसमें उन्हें लगता था कि पैसा डूबेगा नहीं। मेरी फिल्म कहानी के साथ भी यही हुआ था। उस पर पैसा लगाने वाले डरे हुए थे। मेरे हिसाब से बदलाव यह आया है कि पैसे लगाने वालों का नजरिया बदल गया है।
सुजॉय
- फोटो : सोशल मीडिया
कहानी जैसी सुपरहिट फिल्म के बाद आपको एक स्पैनिश फिल्म का रीमेक करने की जरूरत क्यों महसूस हुई?
जरूरत नहीं बोलूंगा मैं, मुझे कहानी अच्छी लगी, और काफी चुनौतीपूर्ण भी इसीलिए मैंने यह फिल्म बनाई। शुरू में मन डगमगाया था लेकिन इसलिए नहीं कि रीमेक है। रीमेक मेरे लिए चुनौती नहीं थी। चुनौती यह थी कि पहले से कही गई कहानी को मैं अपना क्या दे सकता हूं?
जरूरत नहीं बोलूंगा मैं, मुझे कहानी अच्छी लगी, और काफी चुनौतीपूर्ण भी इसीलिए मैंने यह फिल्म बनाई। शुरू में मन डगमगाया था लेकिन इसलिए नहीं कि रीमेक है। रीमेक मेरे लिए चुनौती नहीं थी। चुनौती यह थी कि पहले से कही गई कहानी को मैं अपना क्या दे सकता हूं?
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Badla film amitabh
- फोटो : you tube
स्पैनिश फिल्म में वकील का किरदार एक महिला ने निभाया पर 'बदला' में वकील का किरदार अमिताभ निभा रहे हैं। क्या तापसी का ये कहना सही है कि ये फिल्म आपने अमिताभ बच्चन की वजह से की है?
मुझे बदला का पहला खाका मिला तब तक किरदारों के साथ उल्टा पुल्टी हो चुकी थी और मेरे फिल्म में आने से पहले ही तय था कि अमिताभ और तापसी के किरदार क्या होंगे और, पूरी इंडस्ट्री में ऐसा कोई है जो अमिताभ जी को मना कर दे। ऐसा नहीं है कि मैं तापसी या अमित सर के कहने से फिल्म करूंगा लेकिन मुझे जब लगा कि मैं कहानी में कुछ नया जोड़ सकता हूं तभी मैंने फिल्म के लिए हां कहा। मैं किसी के कहने से फिल्म नहीं करता।
मुझे बदला का पहला खाका मिला तब तक किरदारों के साथ उल्टा पुल्टी हो चुकी थी और मेरे फिल्म में आने से पहले ही तय था कि अमिताभ और तापसी के किरदार क्या होंगे और, पूरी इंडस्ट्री में ऐसा कोई है जो अमिताभ जी को मना कर दे। ऐसा नहीं है कि मैं तापसी या अमित सर के कहने से फिल्म करूंगा लेकिन मुझे जब लगा कि मैं कहानी में कुछ नया जोड़ सकता हूं तभी मैंने फिल्म के लिए हां कहा। मैं किसी के कहने से फिल्म नहीं करता।
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अमिताभ बच्चन,बदला
- फोटो : सोशल मीडिया
झंकार बीट्स और अलादीन के अलावा भी आपने कई फिल्में बनाई लेकिन क्या लगता है कि गड़बड़ी कहां हुई? थ्रिल तो इनमें भी सोचा ही होगा?
अलादीन काफी थ्रिलिंग थी पर चार मक्खियां भी उसे देखने नहीं आईं। झंकार बीट्स का एडिट पैटर्न थ्रिलिंग था। मैं सोच समझकर थ्रिलर ही बनाता हूं, ऐसा नहीं है। यह बस मेरा कहानी कहने का तरीका है। मुझे गति और रोमांच काफी पसंद है।
अलादीन काफी थ्रिलिंग थी पर चार मक्खियां भी उसे देखने नहीं आईं। झंकार बीट्स का एडिट पैटर्न थ्रिलिंग था। मैं सोच समझकर थ्रिलर ही बनाता हूं, ऐसा नहीं है। यह बस मेरा कहानी कहने का तरीका है। मुझे गति और रोमांच काफी पसंद है।