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'ये हाथ नहीं हथौड़ा है': सनी देओल के दमदार डायलॉग्स, जो आज भी हैं जुबां पर
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Fri, 20 Oct 2017 08:19 AM IST
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सनी देओल
- फोटो : File Pic
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आज सनी देओल का जन्मदिन है। सनी देओल ने बॉलीवुड पर राज किया। सनी देओल के जन्मदिन पर हम याद दिला रहे हैं, सनी देओल के उन दमदार डायलॉग्स की, जिनके दम पर फिल्में हिट हुईं...
sunny deol
दामिनी : चिल्लाओ मत। नहीं तो ये केस यहीं रफा दफा कर दूंगा। न तारीख, न सुनवाई, सीधा इंसाफ। वो भी ताबड़तोड़।
दामिनी: मैदान में खुले शेर का सामना करोगे, तुम्हारे मर्द होने की गलतफहमी दूर हो जाएगी।
दामिनी: तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख...तारीख पर तारीख...तारीख मिलती रही है, लेकिन इंसाफ नहीं मिला। माई लॉर्ड इंसाफ नहीं मिला...मिली है तो सिर्फ यह तारीख।
दामिनी: जब ये ढाई किलो का हाथ किसी पे पड़ता है, तो आदमी उठता नहीं...उठ जाता है।
दामिनी: मैदान में खुले शेर का सामना करोगे, तुम्हारे मर्द होने की गलतफहमी दूर हो जाएगी।
दामिनी: तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख...तारीख पर तारीख...तारीख मिलती रही है, लेकिन इंसाफ नहीं मिला। माई लॉर्ड इंसाफ नहीं मिला...मिली है तो सिर्फ यह तारीख।
दामिनी: जब ये ढाई किलो का हाथ किसी पे पड़ता है, तो आदमी उठता नहीं...उठ जाता है।
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- फोटो : nn
जिद्दी: पत्थरों की दुनिया में देवता बनना तो बहुत आसान है, इंसान बनना बहुत मुश्किल।
जीत: इन हाथों ने हथियार छोड़े हैं, चलाना नहीं भूले।
जीत: इन हाथों ने हथियार छोड़े हैं, चलाना नहीं भूले।
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गदर-एक प्रेम कथा: हमारा हिंदुस्तान जिंदाबाद था, जिंदाबाद है और जिंदाबाद रहेगा।
गदर-एक प्रेम कथा: मैं अपने बीबी बच्चों के लिए सर झुका सकता हूं। तो मैं सबके सर काट भी सकता हूं।
गदर-एक प्रेम कथा: मैं अपने बीबी बच्चों के लिए सर झुका सकता हूं। तो मैं सबके सर काट भी सकता हूं।
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sunny deol
घातक: पिंजरे में आकर शेर भी कुत्ता बन जाता है।
घायल: जाकर दुम हिलाना उनके सामने...तलवे चाटना..बोटियां फेकेंगे बोटियां...
ये मजदूर का हाथ है, लोहा पिघलाकर उसका आकार बदल देता है।
घातक: मर्द बनने का इतना ही शौक है, तो कुत्तों का सहारा लेना छोड़ दें।
घायल: जाकर दुम हिलाना उनके सामने...तलवे चाटना..बोटियां फेकेंगे बोटियां...
ये मजदूर का हाथ है, लोहा पिघलाकर उसका आकार बदल देता है।
घातक: मर्द बनने का इतना ही शौक है, तो कुत्तों का सहारा लेना छोड़ दें।