केरल में गर्भवती हथिनी को अनानास में पटाखे खिलाकर तड़पा-तड़पाकर मारने की घटना ने एक बार फिर मनावता को शर्मसार कर दिया है। हाथी और इंसान के बीच तो प्रेम हमेशा से रहा है। हमारे देश में इन्हें भगवान गणेश का रूप माना जाता है। फिर ऐसा क्या हो गया कि इंसान इनकी जान लेने पर उतारू है। इंसान और हाथी के बीच के रिश्ते को बॉलीवुड ने अपनी कई फिल्मों के जरिए बखूबी समझाया है। आज आपको ऐसी ही 5 फिल्मों के बारे में बताते हैं।
जब बॉलीवुड में दिखी इंसान और हाथी के बीच सच्ची दोस्ती, गवाह हैं ये पांच फिल्में
हाथी मेरे साथी
साल 1971 में रिलीज हुई राजेश खन्ना की फिल्म 'हाथी मेरे साथी' में हाथी और इंसान की दोस्ती का ऐसा नजराना पेश किया गया जिसे देखकर न जाने कितने लोगों के दिलों ने इनके लिए प्यार जाग गया। राजू और उसके चार हाथियों की कहानी ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। जानवरों और इंसान के रिश्ते पर बुनी गई है ये सबसे बेहतरीन फिल्म है।
सफेद हाथी
साल 1977 में बनी बच्चों की फिल्म सफेद हाथी में एक बार फिर हाथी और इंसान के बीच की दोस्ती को दिखाया गया। अनाथ बच्चा अपने चाचा-चाची के साथ रहता है जिसपर वो अत्याचार करते हैं। बच्चे की दोस्ती एक हाथी से हो जाती है, जो उसे सोने का सिक्का देता है। लेकिन जब ये बात उस इलाके के राजा को पता चलती तो वो लालच में उस हाथी को पकड़ने के लिए जाल बिछाता है। तपन दा द्वारा बनाई गई इस फिल्म ने एक बार फिर बता दिया था कि जानवर और इंसान के बीच एक अटूट रिश्ता है।
मैं और मेरा हाथी
साल 1981 में आई मिथुन चक्रवर्ती की फिल्म 'मैं और मेरा हाथी' में ये बताया कि इंसान और हाथी की दोस्ती हमेशा से खास रही है। बचपन में मिथुन जिनका नाम फिल्म में राम है, एक हाथी पालते हैं जिसे वो लक्ष्मण बुलाते हैं। दोनों के बीच भाईयों की तरह प्यार होता है। राम पढ़ाई करने बाहर चले जाता है। इस दौरान गुंडे राम के पिता की हत्या कर देते हैं। बाद में राम और लक्ष्मण दोनों पिता की मौत का बदला लेते हैं।
दोस्त
साल 1989 में हाथी और इंसान के रिश्ते पर आधारित मिथुन चक्रवर्ती की एक और फिल्म आई, जिसका नाम था 'दोस्त'। इसमें मिथुन ने एक वन अधिकारी का किरदार निभाया जो जंगल में होने वाले अवैध कटान को रोकता है। इस दौरान वो मगरमच्छ के जबड़े में फंसे एक हाथी को बचाता है। इसका एहसान हाथी मिथुन के परिवार को गुंडों से बचाकर उतारते हैं।
