बीआर चोपड़ा की क्लासिक फिल्म 'निकाह' को रिलीज हुए 40 साल पूरे हो गए हैं। 1982 में रिलीज हुई इस फिल्म में तीन तलाक और हलाला जैसे मुद्दों पर बात की गई है। आमिर खान की पीके, आलिया भट्ट की गंगूबाई काठियावाड़ी की ही तरह इस फिल्म को भी रिलीज से पहले काफी विरोध का सामना करना पड़ा। न केवल पाकिस्तानी एक्ट्रेस सलमा आगा और राज बब्बर अभिनीत इस फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन किए गए बल्कि विभिन्न एफआईआर भी दर्ज की गईं। आलम यह हुआ की बीआर चोपड़ा को फिल्म के नाम से लेकर इसकी स्क्रीनिंग तक के लिए कई तरह के पापड़ बेलने पड़े।
Nikaah: 40 साल पहले तीन तलाक पर बनी थी यह फिल्म, दर्ज हुए थे 34 मामले, डरे बीआर चोपड़ा ने उठाया था यह कदम
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34 से अधिक मामले हुए थे दर्ज
फिल्म में सलमा आगा के जरिए कई तरह के संवेदनशील विषयों को दर्शाया गया था। जिसकी वजह से मुस्लिम कम्युनिटी ने इसका काफी विरोध किया था। अभी फिल्म के खिलाफ विरोध प्रदर्शन काफी आम बात है। लेकिन उस समय यह आम नहीं था। उस समय तो विरोध इतना बढ़ गया था कि फिल्म के खिलाफ 34 से अधिक मामले दर्ज किए गए। बता दें कि उस समय तक रिलीज हुई किसी भी फिल्म के लिए यह एक रिकॉर्ड था। मेकर्स परेशान हो गए और उन्होंने लोगों को फिल्म की मंशा के बारे में बताने और रूढ़िवादी मुसलमानों को समझाने के लिए फिल्म के कंटेंट की उचित व्याख्या के साथ एक विशेष स्क्रीनिंग रखी गई थी। TV Show Banned In Pak: बिग बॉस से लेकर नागिन तक, पाकिस्तान में बैन हैं टीवी की ये टॉप सीरियल्स, यहां जानें
तलाक, तलाक, तलाक को बदलकर किया निकाह
फिल्म के शीर्षक में हुए बदलाव की भी एक दिलचस्प कहानी है। बंगाली डेली 'ई समय' ने एक छोटा सा लेख प्रकाशित किया था, जिसमें कहा गया था कि बीआर चोपड़ा ने अपने मुस्लिम दोस्त की वजह से फिल्म का नाम बदल दिया था। दरअसल, बीआर चोपड़ा के दोस्त ने कहा था कि "चोपड़ा साहब, मैं घर जाकर अपनी पत्नी को फिल्म देखने के लिए नहीं कह पाऊंगा। क्योंकि जब वह पूछेगी कि हम कौन-सी फिल्म देखने जा रहे हैं और अगर मैंने उसे फिल्म का नाम बता दिया (जो कि तलाक तलाक तलाक था), तो उसे दिल का दौरा पड़ जाएगा।" इस मुद्दे को देखते हुए बीआर चोपड़ा ने बहुत सोच-विचार के बाद शीर्षक बदल दिया। Fawad Khan Transformation: आमिर खान जैसा दिखने के चक्कर में अस्पताल पहुंच गए थे फवाद खान, खतरे में पड़ी थी जान
क्या इतनी मेहनत के बाद फिल्म सिनेमाघरों में दिखा पाई कमाल?
विरोध प्रदर्शन के बाद भी इस फिल्म ने सिनेमाघरों में कमाल कर दिया था। पहले ही दिन मुंबई सहित देश के कई सिनेमाघरों में लंबी-लंबी कतारें लग गईं। फिल्म की कहानी, डायलॉग और गीतों ने ऐसी धूम मचाई कि अधिकतर थिएटर्स हाउसफुल हो गए। न केवल इसके गाने सुपरहिट हुए बल्कि फिल्म से ब्लॉकबस्टर साबित हुई। इस तरह फिल्म ने सफलता के झंडे गाड़ दिए। Deepika Chikhalia: आतंकी अफजल गुरु और 'गालिब' की मां बनीं 'सीता', दीपिका के किरदार से फैंस नाराज