फिल्म निर्माता और निर्देशक संजय लीला भंसाली की अगली फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ के विरोध में जुटे यहां कमाठीपुरा में जुटे लोगों को स्थानीय पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। कमाठीपुरा के निवासियों ने फिल्म की वजह से अपने इलाके की फिर से हो रही बदनामी का मुद्दा उठाते हुए रविवार को प्रदर्शन करने की तैयारी की थी लेकिन उससे पहले ही मुंबई पुलिस ने प्रदर्शन करने वालों के विरुद्ध निषेधात्मक कार्रवाई शुरू कर दी।
‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ का विरोध करने वालों को मुंबई पुलिस ने थाने में बिठाया, बोली, होर्डिंग भी उतारो
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दशकों पहले कमाठीपुरा का नाम बंबई को जानने वालों के बीच रेड लाइट एरिया के तौर पर बदनाम रहा। लेकिन, पिछले कुछ साल से यहां के युवाओं ने इसकी छवि बदलने की बहुत कोशिश की है और इसमें कामयाब भी रहे हैं। नागपाड़ा पुलिस स्टेशन में मौजूद कमाठीपुरा के युवा नेता रुकेश गिरौला कहते हैं, ‘हमारी बस्ती को शरीफों की बस्ती का दर्जा क्यों नहीं मिल सकता। क्यों घूम फिरकर संजय लीला भंसाली जैसे लोग हमारे घावों को कुरेदने आ जाते हैं। कमाठीपुरा को नए सिरे से विकास की जरूरत है, यहां के लोगों को इज्जत के साथ रोजगार की जरूरत है, क्या ये मांग करना गुनाह है?’
रुकेश और उनके दर्जनों साथियों ने अपने इस आंदोलन को ‘कमाठीपुरा की आवाज’ नाम दिया है। वह राजनीतिक रूप से भी इलाके में सक्रिय हैं लेकिन अपनी पार्टी को वह इस आंदोलन में अभी शामिल नहीं करना चाहते। ‘अमर उजाला’ से बातचीत में वह कहते हैं, ‘ये लड़ाई कमाठीपुरा के लोगों की लड़ाई है। हम सब अपनी अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धताएं किनारे रख इस आंदोलन में कमाठीपुरा के निवासियों की तरह हिस्सा ले रहे हैं। हमारी मांग बस एक ही है कि हमारी मातृभूमि को बदनाम करने की कोशिश करने वालों को इसके बारे में सचेत किया जाए।
कमाठीपुरा के लोगों ने अपनी बात लोगों को समझाने के लिए मुख्य गली के मुहाने पर एक होर्डिंग लगा रखा है। इस होर्डिंग पर फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ के निषेध के अलावा हालिया घोषित एक वेब सीरीज का भी बहिष्कार करने की मांग की गई है। नागपाड़ा पुलिस स्टेशन से ही रुकेश फोन पर बताते हैं, ‘हमारा किसी से व्यक्तिगत विरोध नहीं है। हमने रविवार की दोपहर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करने का फैसला किया था और बाकायदा इसकी सूचना इलाके की पुलिस को अग्रिम रूप से भेजी थी। लेकिन पुलिस ने हमें शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी।’
फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ का विरोध करने वाले होर्डिंग पर भी पुलिस ने आपत्ति जताई है। पुलिस का कमाठीपुरा के इन लोगों से कहना है कि वे इस तरह का बोर्ड नहीं लगा सकते। रुकेश और उनके कुछ साथियों को मुंबई पुलिस ने सुबह से ही नागपाड़ा पुलिस स्टेशन में बिठा रखा है। इस बारे में नागपाड़ा पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक से भी संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष हासिल नहीं हो सका।