'गंदी बात' फेम अभिनेत्री गहना वशिष्ठ उर्फ वंदना तिवारी को मुंबई क्राइम ब्रांच ने शनिवार यानी छह फरवरी को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने उसे बुधवार तक के लिए पुलिस हिरासत में भेजा है। मालूम हो की गहना वशिष्ठ को 'मिस एशिया बिकनी क्राउन' विजेता के रूप में जाना जाता है। इस मामले में गहना के अलावा पुलिस ने यास्मीन बेग खान उर्फ़ रोवा, प्रतिभा नलावडे, मोनू गोपालदास जोशी, भानुसूर्यम ठाकुर, मोहम्मद आसिफ और सैफी को गिरफ्तार किया है।
'पोर्न वीडियो बनाने की आरोपी गहना वशिष्ट ने जबरदस्ती शूट करवाए बोल्ड सीन्स', तीन पीड़ितों का आरोप
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शुरूआती जांच के आधार पर पुलिस का मानना है कि इस रैकेट के पीछे यास्मीन का दिमाग है। गंदे कारोबार का भंडाफोड़ करने वाले इंस्पेक्टर केदार पवार ने बताया कि वे विदेशी आईपी एड्रेस का इस्तेमाल कर हॉटहिट ऐप के जरिए वीडियो अपलोड कर रहे थे। पेड वेबसाइट के करीब 4 लाख सब्सक्राइबर हैं। पुलिस ने बताया कि उन्हें 3 ऐसे पीड़ितों की शिकायत मिली है, जिन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें पोर्न वीडियो शूट करने के लिए मजबूर किया गया। इसके बाद मुंबई पुलिस ने मलाड के मढ़ द्वीप स्थित ग्रीन पार्क बंगलो में तलाशी ली।
गौरतलब है कि गहना पर एक वेबसाइट के लिए पोर्न वीडियो शूट करने और उन्हें अपलोड करने का आरोप है। खबरों के मुताबिक, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि वो स्ट्रगल कर रहीं अभिनेत्रिओं को काम का लालच देकर पोर्न वीडियो शूट करवाती थी। इसके एवज में हर फिल्म के लिए 15,000 से 20,000 रुपए भुगतान करती थी। पुलिस को आरोपितों के सैकड़ों एक्स-रेटेड वीडियो मिले हैं। पुलिस अन्य मॉडल, साइड अभिनेत्रियों और कुछ प्रोडक्शन हाउस की भागीदारी की भी निगरानी कर रही है। जिन पर गिरोह द्वारा शूट की गई एडल्ट फिल्मों को मोबाइल ऐप और वेबसाइट पर संपादित करके अपलोड करने का आरोप है।
क्राइम ब्रांच अधिकारी ने आगे बताया कि चैनल को सब्सक्राइब करने के लिए 2000 रुपए देने होते थे। अन्य लीडिंग और जानी-मानी मॉडल भी हैं, जिन्होंने इन वेबसाइटों पर ऐसे वीडियो साझा किए हैं। अधिकारी ने कहना है कि हम कानूनी राय ले रहे हैं कि क्या अभिनेत्रियों और मॉडलों के खिलाफ उनके सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य पोर्न साइटों पर उनके अश्लील वीडियो साझा करने के लिए कार्रवाई की जा सकती है।
मामले में पुलिस ने यास्मीन बेग खान उर्फ़ रोवा, प्रतिभा नलावडे, मोनू गोपालदास जोशी, भानुसूर्यम ठाकुर, मोहम्मद आसिफ और सैफी को धर-दबोचा है। पुलिस का मानना है कि इस रैकेट के पीछे यास्मीन बेग खान उर्फ़ रोवा का दिमाग है। गंदे कारोबार का भंडाफोड़ करने वाले इंस्पेक्टर केदार पवार ने कहा, 'वे विदेशी आईपी एड्रेस का इस्तेमाल कर हॉटहिट ऐप के जरिए वीडियो अपलोड कर रहे थे।' पेड वेबसाइट के करीब 4 लाख सब्सक्राइबर हैं। पुलिस का मानना है कि गिरोह ने भद्दी वीडियो बेचकर करोड़ों कमाए हैं और पीड़ितों को सिर्फ 15,000 या 20,000 रुपए का भुगतान किया है।