भारत में कोरोना वायरस के दस्तक देने के बाद लागू किए गए लॉकडाउन के चलते मुंबई में सभी टीवी धारावाहिकों के सेट सन्नाटे में हैं। जो तस्वीर आप यहां देख रहे हैं वह धारावाहिक 'हप्पू की उलटन पलटन' के सेट की है। यह वही सेट है जहां कुछ समय पहले तक हप्पू सिंह के साथ छोटे, बड़े, मंझले सभी तरह के कलाकार अपनी अदाएं बिखेरा करते थे। वह सेट आज वीरान पड़ा हुआ है। यहां पर कभी निर्देशक की आवाज रोल, रोलिंग, एक्शन के रूप में गूंजती थी, लेकिन आज वहां सन्नाटे ने ऐसे पैर पसारे हैं जैसे बरसों से कोई इधर आया ही नहीं।
Ground Report: लाइट्स, कैमरा, एक्शन से गूंजने वाले सेटों पर छाया है भुतहा महल जैसा वीराना
लगभग ऐसा ही हाल हर टीवी धारावाहिक के सेट का है। टीवी धारावाहिकों के निर्माताओं की हालत इस समय ऐसी है कि आमदनी कहीं से नहीं है लेकिन खर्चा दोगुना हो रहा है। जब काम चल रहा था तब चैनल से पैसा लेकर अपने यहां काम करने वाले कलाकारों और कर्मचारियों को अपना मुनाफा अलग करके भुगतान कर दिया जाता था। लेकिन, आजकल दृश्य कुछ इस तरह का बन रहा है कि कहीं से कोई आमदनी तो हो नहीं रही है लेकिन अपने यहां पलने वाले कर्मचारियों की जिम्मेदारी उन्हें भरपूर उठानी पड़ रही है। वह भले ही इसके लिए सरकार को कोस रहे हों लेकिन फिलहाल मजबूरी में ही सही, निर्माता इसे अपना फर्ज समझते हैं।
धारावाहिक 'हप्पू की उलटन पलटन' के निर्माता संजय कोहली कहते हैं कि सरकार ने लॉकडाउन बहुत लंबा कर दिया है। वह कहते हैं, 'अब सरकार को हम इसके लिए क्या ही जिम्मेदार ठहराएं। अब जो कुछ करना है वह हमें ही करना है। जो लोग हमसे जुड़े हुए हैं, ऐसे समय में उनका ख्याल रखना हमारा फर्ज है। वह तो अच्छा है कि हम सभी निर्माताओं ने ऐसे समय में एक दूसरे का सहयोग किया है और सभी कर्मचारियों की रहने, खाने की पूरी व्यवस्था की। उसी सहारे हमारे साथ काम करने वाले सभी कर्मचारी भी पल रहे हैं। नहीं तो पता नहीं कि और कितने बुरे दिन देखने पड़ जाते।'
निर्माताओं की गुजारिश पर महाराष्ट्र सरकार ने निर्माताओं को एक एक्शन प्लान तैयार करने के लिए कहा है। सरकार को अगर निर्माताओं की योजना मजबूत लगती है तो वह शूटिंग को फिर से शुरू करने की इजाजत दे सकती है। इस पर संजय का कहना है, 'हम अपनी तरफ से क्या तैयारी करें? लोगों को मास्क और सैनिटाइजर देने की जो बात थी, वो तो हम पहले भी कर रहे थे और आगे भी करते रहेंगे। इसके अलावा तो जैसे सरकार गाइडलाइंस तैयार करती है, हम भी उन्हीं का अनुसरण करेंगे। चैनल भी हमारी मदद कर रहे हैं।'
जिस समय भारत में लॉकडाउन लागू हुआ उस समय सभी क्षेत्र के कर्मचारियों में खलबली मच गई थी। जब जो जहां है वहीं रुकने का फरमान जारी हो गया, उसके बाद टीवी धारावाहिकों में काम करने वाले कर्मचारी अपने सेट पर ही रुक गए। तभी से उनकी दाल रोटी का खर्चा देने की जिम्मेदारी उस सेट के निर्माता की हो गई। इस खर्चे को वह पिछले दो महीने से वहन कर रहे हैं। रश्मि शर्मा प्रोडक्शन्स के पवन कुमार कहते हैं, 'हमारे साथ काम करने वाले लोग हमसे सालों से जुड़े हुए हैं। ऐसे कठिन वक्त में हम उन्हें उनके हाल पर नहीं छोड़ सकते। इसलिए, उनकी देखभाल करना अपना फर्ज समझकर हम उनके स्वास्थ्य और खाने-पीने की पूरी व्यवस्था कर रहे हैं।'
