तेलुगु जगत के दिग्गज अभिनेता नंदमुरी बालकृष्ण 10 जून को अपना 60वां जन्मदिन मनाएंगे। उन्हें 'एनबीके' या केवल 'बालकृष्ण' भी कहा जाता है। इस अभिनेता ने अपने करियर में अब तक 100 से अधिक फिल्मों में काम किया है। नंदमुरी बालकृष्ण तीन बार 'नंदी अवॉर्ड' जीत चुके हैं। उनका परिवार शुरू से ही तेलुगु फिल्मों में सक्रिय रहा है और अपनी इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए इस दिग्गज कलाकार ने तेलुगु सिनेमा को कई सुपरहिट फिल्में दी और अपनी एक अलग पहचान बनाई। एनबीके ने अपने आपको कभी किसी सीमा में नहीं बांधा अपने दर्शकों को बड़ी आसानी से हंसाने से लेकर रुलाने और साथ ही एक्शन से लेकर रोमांस तक हर मनोरंजन दिया। प्रशंसक नंदमुरी बालकृष्ण को प्यार से 'मन बलैया' भी कहते हैं। उनके जन्मदिन के इस विशेष अवसर पर हम आपको इस आर्टिकल में दिग्गज कलाकार नंदमुरी बालकृष्ण के बारे में कुछ रोचक तथ्य बताने जा रहे हैं।
जन्मदिन: तीन बार नंदी अवॉर्ड विजेता रह चुके हैं नंदमुरी बालाकृष्ण, जानिए उनके बारे में रोचक तथ्य
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22 साल की कम उम्र में किया था विवाह
साल 1982 में जब बालकृष्ण सिर्फ 22 वर्ष के थे तभी वह शादी के बंधन में बंध गए थे। उन्होंने वसुंधरा देवी से शादी की। इस अभिनेता की तीन खूबसूरत बेटियां हैं जिनका नाम ब्राह्मणी, मोक्षंगा, तेजस्विनी है। बलैया अपनी मां के नाम पर स्थापित हुए बसावतारकम इंडो-अमेरिकन कैंसर अस्पताल और रिसर्च के अध्यक्ष हैं। ये अस्पताल उनकी मां के नाम पर बनाया गया है।
1974 में एनटीआर के निर्देशन में बनी फिल्म 'ततम्मा कला' से नंदमुरी बालकृष्ण ने सिनेमा की दुनिया में अपना पहला कदम रखा। उस समय इस दिग्गज अभिनेता की आयु केवल 14 वर्ष थी। हालांकि 1984 में आई फिल्म 'सहसामे जीवथम' से नायक के रूप में उन्होंने अपनी शुरुआत की। इस फिल्म का निर्देशन संथाना भारती और पी वासु ने किया था। इस फिल्म के बाद इस दिग्गज कलाकार ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा और उन्होंने अपने शुरूआती दौर में ही तेलुगु सिनेमा के कई बड़े कलाकारों के साथ काम किया। जिसमें भानुमति,सुहासिनी,के. विश्वनाथ गरु और अक्किनेनी नागेश्वर राव जैसे बड़े नाम शामिल हैं। उस समय में ही उन्होंने कई आत्मकथाओं और पीरियड़ फिल्मों में भी काम किया। जिसमें वेमुलावाड़ा भीमकवि, दाना वीरा सूरा कर्ण, अकबर सलीम अनारकली इत्यादि शामिल है।
अभिनेता नंदमुरी बालकृष्ण एक मंझे हुए कलाकार हैं इस बात में कोई दोराह नहीं है। वो अपने फैंस को बखूबी हंसाना और रुलाना जानते हैं । सन 1975 में इस दिग्गज अभिनेता ने 'अन्नदाममूला अनुबंधम' में अपने असली पिता एनटीआर के ऑन-स्क्रीन भाई की भूमिका निभाई थी। ये फिल्म हिंदी फिल्म 'यादों की बारात' का रीमेक थी। बालकृष्ण ने सिर्फ अपने पिता के साथ ही ऑन-स्क्रीन काम नहीं किया बल्कि फिल्म 'दाना वीरा सुरा कर्ण' में अपने बड़े भाई नंदमुरी हरिकृष्ण के ऑन-स्क्रीन बेटे की भूमिका अदा की।
अभिनेता से नेता बनने तक का रहा सफर
100 फिल्मों में कर चुके बालकृष्ण नंदमुरी ने साल 2014 में अपने पिता एनटीआर और बड़े भाई के लिए चुनाव प्रचार किया और साथ ही उन्होंने टीडीपी की तरफ से चुनाव लड़ा। उन्हें अनंतपुरम जिले की हिंदूपुर विधानसभा सीट पर उचित बहुमत के साथ जीत हासिल हुई। अमर उजाला की टीम की तरफ से नंदमुरी बालकृष्ण को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।