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जन्मदिन पर जानिए, मेल कराती 'मधुशाला' के नायक हरिवंश राय बच्चन की जिंदगी के रोचक तथ्य
Mon, 26 Nov 2018 12:21 PM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 26 Nov 2018 12:21 PM IST
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हरिवंश राय बच्चन
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सियासी गहमागहमी में याद आती है... बैर बढ़ाते मस्जिद मन्दिर, मेल कराती मधुशाला! 27 नवंबर 1907 को इलाहाबाद में हिन्दी साहित्य के एक ऐसे दिवाकर का जन्म हुआ। जो ताउम्र अपनी कलम से दुनिया को रौशन करते रहे। 'प्रताप नारायण श्रीवास्तव' और 'सरस्वती देवी' के हिन्दू कायस्थ परिवार में जन्मे, हिन्दी के इस सपूत का नाम हरिवंश राय बच्चन था।
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हरिवंश राय बच्चन
हरिवंश राय हिंदी के प्रमुख कवियों में से एक हैं। उन्हें सबसे अधिक लोकप्रियता उनकी कविता 'मधुशाला' से मिली और मधुशाला उनकी सबसे प्रसिद्ध कृतियों में से भी एक है। हरिवंश राय बच्चन की प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा उनके गाँव की पाठशाला में हुई। उच्च शिक्षा के लिए वे इलाहाबाद और फिर कैम्ब्रिज गए, जहाँ से उन्होंने अंग्रेजी साहित्य के विख्यात कवियों की कविताओं पर शोध किया। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने के दौरान वो कई राजकीय पदों पर भी कार्यरत रहे।
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हरिवंश राय बच्चन
हरिवंश राय बच्चन ने भारत सरकार के विदेश मंत्रालय में हिंदी विशेषज्ञ के तौर पर काम किया था। उन्हें राज्यसभा के सदस्य के रूप में भी मनोनीत किया गया। 1926 में हरिवंश राय की शादी श्यामा से हुई। वहीं शादी के दस साल बाद 1936 में श्यामा इस दुनिया से विदा हो गईं। 1941 में बच्चन ने तेजी सूरी से दूसरी शादी कर ली। हरिवंश राय की 1939 में प्रकाशित एकांत संगीत की यह पंक्तियां उनके जीवन की इन्हीं घटनाओ की ओर इशारा करती है।
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harivansh rai bachchan
कितना अकेला आज मैं , संघर्ष में टूटा हुआ। मधुकलश, निशा निमंत्रण, खादि के फूल, सूत की माला, मिलन यामिनी जैसी काव्य की रचना बच्चन जी की प्रमुख रचनाएं हैं। 'हरिवंश राय को उनकी रचना दो चट्टाने' को लेकर हिंदी कविता के साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं उनको सरस्वती सम्मान, कमल पुरस्कार आदि सम्मान भी प्राप्त हुए। भारत सरकार ने उनको साहित्य और शिक्षा इसके बाद उन्हें सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। बिड़ला फाउंडेशन ने उनकी आत्मकथा के लिए उन्हें सरस्वती सम्मान दिया। बच्चन को भारत सरकार ने साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन उनके पुत्र हैं।
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हरिवंश राय बच्चन
- फोटो : अमर उजाला
बच्चन ने सुमित्रा नंदन पंत की कविताएं और नेहरू के राजनीतिक जीवन पर भी किताबें लिखी हैं। उन्होंने शेक्सपियर के नाटकों का भी अनुवाद किया। हरिवंश राय बच्चन का 95 वर्ष की आयु में 18 जनवरी, 2003 को मुंबई में देहांत हो गया। हरिवंश राय बच्चन द्वारा देश को दिए गए योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। जाते- जाते हिंदी साहित्य के इस कवि को जन्मदिन का हार्दिक शुभकामनाएं।
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