देश में टीवी के शुरुआती दौर में जिन कार्यक्रमों ने धूम मचाई थी, आज भी उनकी यादें करोड़ों जेहन में ताजा हैं। भारतीय लोक सेवा प्रसारण 'दूरदर्शन' पर आने वाले ये सीरियल्स की पहुंच हर घर में हुआ करती थी। अगर हम कहे कि इसी दूरदर्शन से हम दुनिया जहान के सारे दृश्य देख पाएं तो इसमें अतिशयोक्ति नहीं होगी। आइए बात करते हैं दूरदर्शन के उन 5 सीरियल्स के बारे में।
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दूरदर्शन के ये 5 शो घर-घर में हुए जबरदस्त हिट, रामायण देखने के लिए तो आज भी बेताब रहते हैं लोग
Sun, 24 Mar 2019 03:30 PM IST
अपूर्वा राय
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: अपूर्वा राय
Updated Sun, 24 Mar 2019 03:30 PM IST
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हम लोग
मनोहर श्याम जोशी का शो 'हम लोग' उस दौर का सबसे बेहतरीन शो था। 154 एपिसोड वाला यह धारावाहिक 7 जुलाई, 1984 को शुरू हुआ और 17 दिसंबर, 1985 तक दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ। इसके निम्न मध्यवर्गीय पात्र न सिर्फ दर्शकों से कनेक्ट करने में कामयाब रहे, बल्कि वे आम लोगों की बात उन्हीं की जुबान में करते दिखे। पारिवारिक घटनाक्रमों पर आधारित इस कार्यक्रम ने अपनी अलग ही पहचान बनाई।
मनोहर श्याम जोशी का शो 'हम लोग' उस दौर का सबसे बेहतरीन शो था। 154 एपिसोड वाला यह धारावाहिक 7 जुलाई, 1984 को शुरू हुआ और 17 दिसंबर, 1985 तक दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ। इसके निम्न मध्यवर्गीय पात्र न सिर्फ दर्शकों से कनेक्ट करने में कामयाब रहे, बल्कि वे आम लोगों की बात उन्हीं की जुबान में करते दिखे। पारिवारिक घटनाक्रमों पर आधारित इस कार्यक्रम ने अपनी अलग ही पहचान बनाई।
buniyad
बुनियाद
दूरदर्शन के अपने हर सीरियल का एक फ्लेवर था और हर कोई अपने पसंदीदा सीरियल का इंतजार करता था। भारत में टेलीविजन आने के शुरुआती दौर में बुनियाद सीरियल ने भी अपने दर्शकों के बीच खासी जगह बनाई। इसे रमेश सिप्पी और ज्योति ने निर्देशित किया। इस नाटक की लोकप्रियता इतनी थी कि इसे सालों बाद कई निजी चैनलों ने भी ऑन एयर किया था।
दूरदर्शन के अपने हर सीरियल का एक फ्लेवर था और हर कोई अपने पसंदीदा सीरियल का इंतजार करता था। भारत में टेलीविजन आने के शुरुआती दौर में बुनियाद सीरियल ने भी अपने दर्शकों के बीच खासी जगह बनाई। इसे रमेश सिप्पी और ज्योति ने निर्देशित किया। इस नाटक की लोकप्रियता इतनी थी कि इसे सालों बाद कई निजी चैनलों ने भी ऑन एयर किया था।
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ramayan
रामायण
25 जनवरी, 1987 को इसका टीवी पर आगाज हुआ और 31 जुलाई, 1988 तक इसने दर्शकों और उनके इमोशंस को बांधकर रखा। इस शो की लोकप्रियता इतनी थी की रविवार की सुबह देर तक सोने वाले भी इसे देखने के लिए जल्दी उठ जाया करते थे। इतना ही नहीं शो में भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल को लोगों ने राम मानना शुरु कर दिया था।
25 जनवरी, 1987 को इसका टीवी पर आगाज हुआ और 31 जुलाई, 1988 तक इसने दर्शकों और उनके इमोशंस को बांधकर रखा। इस शो की लोकप्रियता इतनी थी की रविवार की सुबह देर तक सोने वाले भी इसे देखने के लिए जल्दी उठ जाया करते थे। इतना ही नहीं शो में भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल को लोगों ने राम मानना शुरु कर दिया था।
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shaktiman
शक्तिमान
शक्तिमान उस दौर का ऐसा शो था जिसने खासकर बच्चों को दीवाना बनाया। अभिनेता मुकेश खन्ना के जीवंत अभिनय ने इस किरदार को अमर कर दिया। सीरियल ने 400 एपिसोड सफलतापूर्वक पूरे किए और टीवी की दुनिया में छा गया। शो के खत्म होने के बाद छोटी छोटी मगर मोटी बातें खूब पसंद किया जाता था।
शक्तिमान उस दौर का ऐसा शो था जिसने खासकर बच्चों को दीवाना बनाया। अभिनेता मुकेश खन्ना के जीवंत अभिनय ने इस किरदार को अमर कर दिया। सीरियल ने 400 एपिसोड सफलतापूर्वक पूरे किए और टीवी की दुनिया में छा गया। शो के खत्म होने के बाद छोटी छोटी मगर मोटी बातें खूब पसंद किया जाता था।