सच्ची कहानी पर आधारित फिल्में काफी डरा देने वाली होती हैं। हॉरर फिल्मों का जिक्र होते ही कई लोगों के बदन में सिहरन पैदा हो जाती है। इसके उलट कई ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें हॉरर फिल्में देखना बहुत पसंद हैं। अब कोई हॉरर फिल्म अगर किसी सच्चाई कहानी से प्रेरित हो या पुराने जमाने में घटी कोई घटना से तो कई लोग उसे और भी ज्यादा मजे लेकर देखते हैं। ऐसे में हम आपको हॉलीवुड की कुछ ऐसी डरावनी फिल्मों के बारे में बता रहे हैं, जो सच्ची घटना पर आधारित थीं।
Horror Movies: सच्ची घटनाओं पर बनी हैं ये डरावनी फिल्में, गलती से भी अकेले न देखें
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साल 2007 में आई 'पैरानार्मल एक्टिविटीज' की काफी चर्चा हुई थी। इस फिल्म का निर्देशन ऑरेन पेली ने किया था। ये फिल्म ऐसे कपल के बारे में थी जो अपने घर में कुछ सुपर नेच्युरल एक्टिविटीज होता महसूस करता है। बाद में दोनों फैसला करते हैं कि वो इन घटनाओं को अपने कैमरा में कैद करेंगे।
साइलेंट हाउस
अभिनेत्री एलिजाबेथ ओल्सेन की डेब्यू फिल्म एक महिला की अलौकिक ताकतों के साथ व्यथित अनुभव की कहानी कहती है जब वह अपने घर के अंदर फंस जाती है। ये कहानी उरुग्वे में हुई एक घटना पर आधारित है। फिल्म का निर्देशन युगल जोड़ी क्रिस केंटिस और लॉरा लाउ ने किया था।
साल 1999 में आई हॉलीवुड हॉरर फिल्म 'द ब्लेयर विच प्रोजेक्ट' एक असली घटना के आधार पर बनाई गई थी। इस फिल्म में तीन नौजवान फिल्मेकर्स की कहानी दिखाई गई थी, जो काली पहाड़ी में छिपते हैं लेकिन गायब हो जाते हैं। बाद में इन लड़कों के कुछ वीडियो और साउंड एक्यूपमेंट वहां मिलते हैं, जिनके आधार पर पुलिस उनकी खोजबीन करती है। करीब साल भर के बाद इन लड़कों के फुटेज वहां से रिकवर किए जाते हैं।
द हिल्स हैव आइज
Wes Craven की 1977 की क्लासिक फिल्म रेगिस्तान में छुट्टियां मनाने आए कार्टर परिवार पर होने वाले नरभक्षियों के हमले के बारे में थी। ये फिल्म 15 वीं शताब्दी के सावेनी बीन कबीले के बारे में प्रचलित किंवदंती से प्रेरित है।