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Pt. Narendra Sharma: विविध भारती के रचनाकार, लता मंगेशकर के सम्मानीय, ‘महाभारत’ में तय की भीष्म की श्वेत पोशाक

Sun, 11 Feb 2024 04:04 PM IST
साक्षी अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: साक्षी Updated Sun, 11 Feb 2024 04:04 PM IST
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Interesting anecdotes about writer and poet Narendra sharma lata Mangeshkar Mahabharat dilip kumar jehangirpur
पंडित नरेंद्र शर्मा - फोटो : अमर उजाला

कवि और गीतकार पंडित नरेंद्र शर्मा का हिंदी सिनेमा में बहुत ही अमूल्य योगदान रहा है। पंडित नरेंद्र शर्मा ने न सिर्फ हिंदी सिनेमा में एक से बढ़कर एक हिट गाने लिखे, बल्कि आकाशवाणी के विविधरंगी कार्यक्रम ‘विविध भारती’ की परिकल्पना और नामकरण भी उन्होंने ही किया था। बी आर चोपड़ा के सीरियल  'महाभारत' के निर्माण में उनकी बड़ी भूमिका रही है। उत्तर प्रदेश के जहांगीरपुर में जन्मे पंडित नरेंद्र शर्मा का 11 फरवरी 1989 को निधन हो गया था। उनकी पुण्यतिथि पर आइए जानते हैं, कुछ रोचक किस्से...

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पंडित नरेंद्र शर्मा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

भगवती चरण वर्मा ने दिलाई पहली फिल्म 

उत्तर प्रदेश के जिले उन्नाव में सफीपुर निवासी भगवती चरण वर्मा नौकरी के लिए बंबई आए तो उन्हें बॉम्बे टॉकीज में बतौर पटकथा लेखक नौकरी मिली। उन्होंने ही पंडित नरेंद्र शर्मा को मुंबई बुलाया, लेकिन कवि प्रदीप जी की तरह ही उनके मन में भी संशय था कि फिल्मी गीत वह भला कैसे लिखेंगे, क्योंकि फिल्मी गानों में तो ज्यादातर उर्दू शब्द का इस्तेमाल होता है, जबकि नरेंद्र शर्मा संस्कृत और हिंदी में लेखन करते आए थे। भगवती चरण वर्मा ने उन्हें विश्वास दिलाया कि जितनी उर्दू की जरुरत फिल्मी गानों में होती है उतनी उर्दू तो उन्हें आती है, लेकिन तब भी उन्होंने खुद को आजमाने  के लिए उर्दू में एक गीत लिखा। जब उन्हें पूरी तसल्ली हो गई, तब उन्होंने बॉम्बे टॉकीज ज्वाइन किया और बॉम्बे टॉकीज की फिल्म 'हमारी बात' के गीत लिखे। यह फिल्म साल 1943 में रिलीज हुई थी, जिसमें देविका रानी आखिरी बार नजर आई थीं।

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पंडित नरेंद्र शर्मा-लता मंगेशकर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

ऐसे मिला यूसुफ खान को नाम, दिलीप कुमार
दिलीप कुमार ने बॉम्बे टॉकीज की फिल्म 'ज्वार भाटा’ के अपने अभिनय करियर की शुरुआत बतौर नायक की, लेकिन दिक्कत यह थी कि देविका रानी को अपनी फिल्म के नायक का नाम यूसुफ खान कुछ ठीक नहीं लग रहा था। इस बारे में उन्होंने भगवती चरण वर्मा को कोई अच्छा नाम सुझाने को कहा। भगवती चरण वर्मा ने अपनी टीम जिसमें पंडित नरेंद्र शर्मा भी शामिल थे, से सलाह-मशविरा किया। देविका रानी को तब दो नाम सुझाए गए थे। एक वासुदेव और दूसरा दिलीप कुमार। देविका रानी को अपनी फिल्म के नायक के तौर पर दिलीप कुमार नाम जच गया और इस तरह यूसुफ खान दिलीप कुमार बन गए। 

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पंडित नरेंद्र शर्मा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

गुरु दत्त और गीता दत्त को लेकर भविष्यवाणी
साहित्यकार व गीतकार पंडित नरेंद्र शर्मा अच्छे ज्योतिषी थे। उन्होंने गुरु दत्त और गीता दत्त की कुंडली देखकर बता दिया था कि इनका वैवाहिक जीवन सफल नहीं होगा। आगे चलकर यही हुआ। गुरु दत्त और वहीदा रहमान की अफेयर की खबरों से परेशान होकर गीता दत्त बच्चों के साथ अपने माता-पिता के घर चली गईं। गुरु दत्त और गीता दत्त के बीच खूब झगडे होने लगे थे। गुरु दत्त ने रिश्ते सुधारने के लिए एक फिल्म शुरू की, लेकिन झगड़े  इतने बढ़ गए कि दो दिन की शूटिंग के बाद ही फिल्म की शूटिंग रोकनी पड़ी।  

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सत्यम शिवम सुंदरम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

राज कपूर के लिए लता को राजी किया

राज कपूर की फिल्म 'सत्यम शिवम सुंदरम' से पहले लता मंगेशकर, राज कपूर की कई फिल्मों के लिए गा चुकी थीं, लेकिन वह राज कपूर की फिल्म 'सत्यम शिवम सुंदरम' के लिए गीत गाने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थीं। दरअसल, इस फिल्म में संगीत देने के लिए पहले राज कपूर ने लता मंगेशकर के भाई हृदयनाथ मंगेशकर से संपर्क किया था। बाद में उन्होंने इस फिल्म के लिए संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल को ले लिया। इस बात से लता मंगेशकर, राज कपूर से नाराज हो गईं और उनकी किसी भी फिल्म में ना गाने का फैसला कर लिया, लेकिन राज कपूर इस फिल्म के सभी गाने लता मंगेशकर से ही गवाना चाह रहे थे। इस फिल्म के सभी गीत पंडित नरेंद्र शर्मा ने लिखे थे। राज कपूर जानते थे कि लता मंगेशकर, पंडित नरेंद्र शर्मा को अपने पिता तुल्य मनाती है और वह उनकी बात को इंकार नहीं करेंगी। 

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