सोनी राजदान का परिचय सिर्फ यह नहीं है कि वह स्टार अभिनेत्री आलिया भट्ट की मां और निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट की पत्नी हैं। सोनी खुद अभिनेत्री और निर्देशक हैं। लंबे समय तक वह फिल्मों और टीवी में सक्रिय रही हैं। फिल्म राजी में वह आलिया की मां के रूप में दिखेंगी। सोनी राजदान से इस फिल्म, आलिया और महेश भट्ट को लेकर अमर उजाला की विशेष बातचीत...
परिचय की मोहताज नहीं सोनी राजदान, बेटी आलिया और पति महेश भट्ट पर किए कई बड़े खुलासे
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लंबे समय से इंतजार था कि आलिया कब अपनी मां के साथ पर्दे पर दिखेंगी। राजी में कैसे आपका आना हुआ?
मुझे लगता है, जब जो होना होता है, हो जाता है। मेघना गुलजार को लगा होगा कि मैं आलिया की मां हूं और कहानी कश्मीर में स्थित है। मेरी जड़ें भी कश्मीर में हैं, मेरे पिता कश्मीरी थे। इसीलिए उन्होंने मुझे आलिया की मां के रूप में फिल्म में लेने का सोचा होगा। मेरा रोल बहुत बड़ा या अहम नहीं है, लेकिन मेरे लिए फिल्म महत्वपूर्ण है। राजी ऊपरी तौर पर भले ही जासूसी-ड्रामा-थ्रिलर जैसी नजर आ रही है। परंतु मैं कहूंगी कि इसकी गहराई में कई अन्य बातें हैं।
कैमरे के आगे आपने आलिया में कौन सी बातें देखी, जो मां के तौर पर नहीं देख पाई थीं?
वह बहुत संवेदनशील अभिनेत्री हैं और किरदार में ढल जाती हैं। वह हाव-भाव या बॉडी लैंग्वेज के बजाय संवेदनाओं से ज्यादा खेलती हैं और सहजता से दृश्य को निकाल लेती हैं। उसकी एप्रोच ईमानदार होती है।
आलिया बहुत कम उम्र में फिल्मों में आई। क्या वजह थी कि ऐसा हुआ?
मैं कहूंगी कि जस्ट बाई चांस। इसे किस्मत भी नहीं कह सकते।
जस्ट बाई चांस से क्या मतलब है?
करन जौहर 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' बना रहे थे और उन्हें कम उम्र की किशोरी चाहिए थी। आलिया स्कूल में पढ़ रही थी और उसने अभिनय जैसा कुछ किया भी नहीं था। हां, वह अभिनेत्री जरूर बनना चाहती थी। करन करीब 300 लड़कियों का ऑडिशन ले चुके थे। उस वक्त आलिया हीरोइन जैसी दिखती भी नहीं थी। वह थोड़ी गोल-मटोल थी। वह महज 16 साल की थी। करन ने ऑडिशन लिया और आलिया से इंप्रेस हुए। उन्होंने आलिया को तीन महीने दिए कि वजन कम करो। फिर लुक टेस्ट करेंगे। तब आलिया ने तत्काल 12-13 किलो वजन कम किया था और अचानक बहुत अच्छी दिखने लगी।... वह खिल गई! तब लुक टेस्ट हुआ। हम महबूब स्टूडियो में थे और करन ने मुझे एक तरफ ले जाकर कहा कि आलिया को फाइनल कर लिया है।
हमने कुछ नहीं किया। मैं वह चुटकुले भी नहीं पढ़ती थी। लेकिन मैंने आलिया से कहा कि कोई बात नहीं, अब अखबार पढ़ना ही शुरू कर दो। तब आलिया ने रोज सुबह न्यूज पेपर पढ़ना शुरू किया। गलती किसी से भी हो सकती है, लेकिन ज्ञान बहुत जरूरी है। मैंने आलिया से कहा कि सीख लो, इसमें क्या बुरा है? उसने इसे अच्छी भावना से लिया।