कुछ दिन पहले अजान पर दिए एक बयान के बाद जावेद अख्तर को खूब ट्रोल किया गया था। कई मुस्लिम संगठनों ने इस पर एतराज जताते हुए उनसे माफी मांगने को कहा था। अब जावेद अख्तर ने अपने उसी बयान पर सफाई देते हुए खुद को नास्तिक बताया है।
अजान विवाद पर जावेद अख्तर ने तोड़ी चुप्पी, बोले- 'मैं नास्तिक हूं, जो सभी तरह की आस्थाओं के खिलाफ है'
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जावेद अख्तर ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'हाल ही में जब मैंने लाउडस्पीकर्स पर अजान को लेकर टिप्पणी करते हुए इस पर प्रतिबंध लगाए जाने की बात कही थी तो मुस्लिम समाज के बड़े लोगों ने मुझे शाप देना शुरू कर दिया और कहा कि मैं नरक के सबसे बुरे स्थान में जाऊंगा। दूसरी तरफ हिंदू के बड़े लोग मुझे जिहादी और राष्ट्रद्रोही कहते हैं। मैं एक समान अवसरवादी नास्तिक हूं जो सभी तरह की आस्थाओं के खिलाफ है।'
Recently when I commented that AZAN should be banned on loudspeakers Muslim bigots cursed me that I would go to the worst place in hell.On the other hand Hindu bigots call me a jehadi and an anti national.I am an equal opportunity atheist who is against All kinds of faiths.
जावेद अख्तर के इस ट्वीट पर अब लोगों ने फिर प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है। एक यूजर ने लिखा, 'जावेद अख्तर साहब, जब तक आपको दोनों तरफ से गालियां पड़ रही हैं, समझ लीजिए आप सही रास्ते पर हैं। जब कभी भी एक तरफ से गाली पड़ना बंद हो जाए, समझ लीजिए आप गलत रास्ते पर हैं।' वहीं एक और यूजर ने लिखा, 'क्या आप खुद को जिहादी और एन्टी नेशनल नहीं मानते? झूठ मत बोलिए, आपको तो खुद की असलियत अच्छे से पता है सर?'
Jab tak dono Taraf se Gaaliyan pad rhi hai, Aap Sahi raste pr ho, jaise hi ek Taraf se Ruk jaye samajh Lena galat raaste pr ho - Jawed akhtar क्या आप खुद को जिहादी और एन्टी नेशनल नही मानते? झूठ मत बोलिए, आपको तो खुद की असलियत अच्छे से पता है सर?
अजान पर क्या बोले थे अख्तर
जावेद अख्तर ने एक ट्वीट में लिखा था, 'भारत में तकरीबन 50 साल तक लाउडस्पीकर पर अजान हराम थी। इसके बाद ये हलाल हो गई और इस कदर हलाल हुई कि इसकी कोई सीमा ही नहीं रही। अजान करना ठीक है लेकिन लाउडस्पीकर पर इसे करना दूसरों के लिए असुविधा का कारण बन जाता है। मुझे उम्मीद कि कम से कम इस बार वो इसे खुद करेंगे।'
In India for almost 50 yrs Azaan on the loud speak was HARAAM Then it became HaLAAL n so halaal that there is no end to it but there should be an end to it Azaan is fine but loud speaker does cause of discomfort for others I hope that atleast this time they will do it themselves
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) May 9, 2020
बता दें कि जावेद अख्तर को बीते दिनों रिचर्ड डॉकिन्स अवॉर्ड 2020 से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान तर्कसंगत विचार, धर्मनिरपेक्षता, मानव विकास और मानवीय मूल्यों को अहमियत देने के चलते मिला है। जावेद अख्तर यह पुरस्कार हासिल करने वाले पहले भारतीय हैं।
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