कोरोना वायरस जैसी महामारी ने हर किसी के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। हर किसी के व्यवसाय को बहुत नुकसान पहुंचा। कई लोग बेरोजगार हो गए तो कुछ लोगों ने मानसिक तनाव की वजह से सुसाइड जैसा बड़ा कदम उठाया। मनोरंजन जगत में भी कोरोना वायरस का गहरा असर देखने को मिला। कई कलाकार ऐसे हैं जिन्होने सामने आकर इस बात को स्वीकार किया कि लॉकडाउन के चलते उनके पास काम नहीं है और वो बेरोजगार हो गए हैं। इस लिस्ट में अब एक और नाम जुड़ गया है और वो नाम है अभिनेता जावेद हैदर का।
दर्द: आर्थिक संकट से जूझ रहे एक्टर जावेद हैदर, नहीं जमा की फीस तो बेटी को ऑनलाइन क्लास से निकाला गया
बेटी की फीस देने में हो रही है दिक्कत
बाल कलाकार के रूप में अपनी शुरुआत करने वाले अभिनेता जावेद हैदर अनगिनत फिल्मों का हिस्सा रहे हैं। जावेद हैदर ने फिल्म खुदगर्ज (1987) में शत्रुघ्न सिन्हा के बचपन का रोल किया था... लेकिन आज काम न होने की वजह से उन्हें कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। बेटी की स्कूल फीस भरने तक में उन्हें परेशानी हो रही है।
तीन महीने तक फीस हुई माफ
एक मीडिया चैनल से खास बातचीत के दौरान जावेद हैदर ने कहा, मेरी बेटी आठवीं क्लास में पढ़ती है। पिता होने के नाते मेरी हमेशा यही कोशिश रहती है कि मैं अपनी बेटी को अच्छी से अच्छी शिक्षा दिला सकूं। जब तक मेरा काम था उस दौरान कोई दिक्कत नहीं आई, लेकिन बीते कुछ समय से हालत बहुत अधिक खराब हो गई है। लॉकडाउन की वजह से मेरी बेटी की ऑनलाइन क्लास चल रही है। स्कूल की तरफ से तीन महीने की फीस तो माफ हो गई थी, लेकिन उसके बाद हर महीने लगभग 2500 रुपये भरने होते थे। मैंने स्कूल जाकर वहां के एडमिनिस्ट्रेशन से बात की, तो उन्होंने सीधा कहा कि तीन महीने तो माफ किए थे’।
ऑनलाइन क्लास से बेटी को किया बाहर
आगे इस खास बातचीत में जावेद ने कहा, ‘मुझे ये कभी समझ नहीं आता स्कूल हम माता-पिता पर रहम क्यों नहीं करती है। लॉकडाउन की वजह से दो साल से बेटी की ऑनलाइन क्लास चल रही है और मैंने लगातार फीस भी जमा की है। लेकिन पिछले कुछ समय से काम की वजह से मैं फीस नहीं जमा कर पाया तो उन्होने मेरी बेटी को ऑनलाइन क्लास से बाहर कर दिया। मैंने कही से भी पैसे इकट्ठा करके फीस भरी तो उन्होने मेरी बेटी को बैठने दिया।
लोगों से पैसे लेने से पहले लगता था डर
जावेद हैदर ने खास बातचीत में कहा कि उन्हें लोगों से पैसे लेने में भी डर लगता था। उन्होंने कहा, कई बार लोगों ने और मेरे दोस्तों ने मुझसे कहा कि मैं उनसे मदद मांग लूं। लेकिन थोड़ा बहुत नाम कमाया है इसलिए बोलने में भी शर्म आती है क्योंकि काम नहीं है तो कहीं जुबान खराब हो जाए। पैसा ऐसी चीज होती है कि कभी आपने मांगा और सामने वाले ने आपको इग्नोर करना शुरू कर दिया, तो मुसीबत हो जाती है। इसलिए बीवी के गहने रखकर और अपने फिल्म जगत से अलग लोगों से मदद लेकर अपना घर चलाना पड़ता है।