अपने करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाले कादर खान को हमेशा उनके सदाबहार किरदारों के लिए याद किया जाएगा। कादर खान एक अभिनेता होने के साथ-साथ लेखक और निर्देशक भी थे। आज कादर खान की पुण्यतिथि पर आपको बताते हैं उनके 10 बेहतरीन किरदारों के बारे में...
कादर खान के 10 यादगार किरदार, इन फिल्मों को कर बने अदाकारी के सुपरस्टार
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किरदार – धनीराम
फिल्म- दरिया दिल (1988)
वर्ष 1988 में आई फिल्म दरिया दिल में अपनी बेहतरीन अदाकारी से कादर खान ने सबका दिल जीत लिया था। अपने बेटों को अच्छाई का पाठ पढ़ाने वाले धनीराम, जी कर भी मरने का सस्पेंस पैदा करते हैं। वो चाहते हैं कि उनके तीनों बेटे उनके सबसे छोटे बेटे, यानि फिल्म के मुख्य अभिनेता गोविंदा जैसे मेहनती, नेक और ईमानदार हों लेकिन, उनके दोनों बड़े बेटे उनकी बातों को हवा में उड़ाते रहते हैं, और अपने बाप से परेशान होकर उनका कत्ल कर देते हैं। बाद में पता चलता है कि धनीराम मरे नहीं, और अपने बेटों की करतूतों को जगजाहिर करते हैं।
किरदार – पीताम्बर
फिल्म - हम हैं कमाल के (1993)
वर्ष 1993 में रिलीज हुई फिल्म दो अंधे और बहरे चरित्रों पर आधारित है। अंधे का किरदार अनुपम खेर ने और बहरे का किरदार कादर खान ने निभाया है। यह एक कॉमेडी एक्शन फिल्म है। फिल्म सच में विकलांगों को दिव्यांग दर्शाती है। साथ ही एक और एक ग्यारह के मुहावरे को भी परिभाषित करती है। फिल्म में नीलाम्बर और पीताम्बर अंधे और बहरे होने के बावजूद जैसे अपने दुश्मनों को धूल चटाते हैं और जैसे अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को हंसाते हैं, वह काबिल-ए-तारीफ है।
किरदार - हंसमुख राय
फिल्म – आंखें (1993)
दो शरारती बच्चों के पिता हसमुख राय, यानि कादर खान अपने बेटों की नासमझ हरकतों से बहुत परेशान हैं। वह अपने बेटों को सुधारने की हर संभव कोशिश करना चाहते हैं। एक पिता की अपनी औलादों के लिए चिंता, कादर खान के अभिनय से साफ झलकती है। समय-समय पर बच्चों को अच्छी नसीहत देना भी एक अच्छे पिता की तरह वह कभी नहीं भूलते। इस फिल्म में भी कादर खान का डबल रोल है।
किरदार - किशन सिंह
फिल्म - राजा बाबू (1994)
जमीदारों के ठाट और शाही जिंदगी में पले बढ़े हुए राजा बाबू यानि गोविंदा। आप सोच रहे होंगे कि फिर से गोविंदा! अभी क्या बताएं? गोविंदा और कादर खान की कॉमिक जोड़ी थी ही इतनी मशहूर और लोगों की पसंदीदा कि लोग इनकी फिल्मों को हाथों-हाथ लेते थे। इस फिल्म में भी कादर खान ने गोविंदा के बाप का ही किरदार निभाया है। उनकी पत्नी और गोविंदा की मां अरुणा ईरानी अपने बच्चे की हर हरकत पर पर्दा डालती है। वहीं, दूसरी ओर कादर खान यानि किशन सिंह अपने बेटे के निकम्मेपन से परेशान हैं। इस फिल्म में भी कादर खान ने बाप के रोल के साथ इंसाफ किया है। अपने बेटे को सही रास्ता दिखाने के लिए वह कोई कसर बाकी नहीं छोड़ते।